फर्जी आईडी पर चल रहे हजारों सिमकार्ड, अब इस नंबर से पकड़े जाएंगे
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लखनऊ में भी ऐसे करीब 20 हजार फर्जी आईडी आधारित सिम चालू होने का अंदेशा है। डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम (डीओटी) की विजिलेंस इकाई आईएमईआई के 15 नंबर के यूनिक कोड से नौ से अधिक सिमकार्ड एक्टिवेट करने वाले सेल्स एजेंटों व संबंधित फ्रेंचाइजी को चिह्नित कर कार्रवाई करेगी।
विभागीय स्तर पर इसके लिए फर्जी पहचान या केवाईसी से चालू सिमों की धरपकड़ को सघन अभियान चलेगा। इस दौरान डीओटी की विजिलेंस इकाई प्री एक्टीवेट सिम बेचने वाले मोबाइल कंपनियों के नामित सेल्स एजेंटों व फ्रेंचाइजी के एक्टीवेशन दस्तावेजों की जांच करेगी। इसके आधार पर ऐसे सेल्स एजेंटों को चिह्नित किया जाएगा जिन्होंने मानक के इतर एक ही मोबाइल के आईएमईआई से निर्धारित नौ से अधिक सिम कार्ड एक्टिवेट किए होंगे।
आईएमईआई के सहारे पकड़कर की जाएगी कार्रवाई
इसे देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा मानते हुए डीओटी स्तर पर ऐसे सिम कार्डों को ढूंढकर बंद कराया जाएगा। कार्रवाई केंद्रीय दूर संचार मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देश के आधार पर होगी। विजिलेंस इकाई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राजधानी में चालू ऐसे सिम में से 80 फीसदी निजी स्तर पर संचालित मोबाइल कंपनियों के और बीस प्रतिशत बीएसएनएल से जुड़े हो सकते हैं। ऐसे सिम कार्डों को मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से जुड़े मार्केटिंग इकाई के अधिकृत सेल्स एजेंटों के मोबाइल के आईएमईआई के सहारे पकड़ कर कार्रवाई की जाएगी।