फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Fake school manager punished.

छात्रों का हक मारा तो कोर्ट ने दी कड़ी सजा!

Thu, 29 Jan 2015 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 29 Jan 2015 01:49 AM IST
विज्ञापन
Fake school manager punished.

कागज पर स्कूल खोल दलित छात्रों की छात्रवृत्ति हड़पने का प्रयास करने के आरोपी स्कूल प्रबंधक कानपुर नगर के गिरिजाशंकर शुक्ला, तत्कालीन उपजिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामनारायण श्रीवास्तव तथा सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बसंती तिवारी को अदालत ने 7-7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

विज्ञापन


विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) एके सिंह ने गिरिजाशंकर पर 25 हजार रुपये तथा रामनारायण व बसंती तिवारी पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

सीबीआई के वकील ने कोर्ट में बताया कि गिरिजाशंकर शुक्ला ने सत्र 1996-97 व 1998-99 के बीच कानपुर के यशोदानगर में कागज पर विमला प्राइमरी स्कूल खोला और खुद उसका प्रबंधक बन गया।
विज्ञापन


उसने तत्कालीन सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी बसंती तिवारी व उपजिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामनारायण श्रीवास्तव से साठगांठ करके कक्षा एक से पांच तक के दलित व अनुसूचित जाति के 90 छात्रों की सूची बनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

इस तरह ‌हड़प ली छात्रवृत्ति

Fake school manager punished.

दोनों अधिकारियों ने क्षेत्राधिकार के बाहर होने के बावजूद सूची को सत्यापित किया तथा छात्रवृत्ति के 27 हजार रुपये हड़पने के प्रयास किए।

7 जुलाई 2006 को सीबीआई ने मामला दर्ज करके विवेचना की तथा आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी।

सीबीआई ने विवेचना में पाया कि गिरिजाशंकर शुक्ला ने 1995 में चिल्ड्रन हैवन शिक्षण आम समाज संस्थान के नाम से एक सोसाइटी पंजीकृत कराई थी।

उसने फर्जीवाड़ा कर 27 जुलाई 1996 को यूनाइटेड मर्केन्टाइल बैंक में विमला प्राइमरी स्कूल के नाम से खाता खोला और इसके जरिये छात्रों की छात्रवृत्ति हड़पना चाहता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed