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फर्जी दस्तावेजों से यूपी में बने थे आतंकियों के फर्जी पासपोर्ट
लखनऊ/विष्णु मोहन
Updated Tue, 03 Sep 2013 12:10 AM IST
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इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के कुछ आतंकियों के पासपोर्ट फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यूपी में बनने के खुलासे से राज्य की जांच एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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आईएम के शीर्ष कमांडर यासीन भटकल से पूछताछ में ऐसी जानकारी सामने आई है कि आतंकियों में से कुछ के पासपोर्ट यूपी, बिहार व अन्य प्रांतों से बनवाए गए। इस सूचना पर खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
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इन राज्यों के पासपोर्ट कार्यालयों में ऐसे पासपोर्टों के बारे में जांच का सिलसिला जल्द ही शुरू किया जाना है। इस बीच पासपोर्ट के मुद्दे पर खुफिया एजेंसियां यासीन से लगातार पूछताछ कर रही हैं।
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यासीन से यह भी पता लगा है कि कुछ पासपोर्ट नेपाल से भी बनवाए गए थे। इसके अलावा बांग्लादेश से पासपोर्ट बनवाने की कोशिश जारी थी।
यासीन ने जानकारी दी है कि फर्जी दस्तावेजों से कुछ मॉड्यूल्स के पासपोर्ट बनवाए गए और उन पर रिपोर्ट लगवाने के लिए ऊपरी रकम दी गई।
वहीं कुछ आतंकियों के पासपोर्ट नेपाल में बनवाए जाने की बात पहले भी सामने आ चुकी है। यासीन ने भी इस बात के संकेत दिए हैं कि कुछ लोगों के पासपोर्ट नेपाल से बनवाए गए।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली विस्फोट कांड में वांछित आईएम आतंकी सलमान ने भी 2010 में गिरफ्तार होने के बाद माना था कि उसने अपना पासपोर्ट नेपाल से फर्जी दस्तावेजों के जरिए बनवाया था।
पहले भी बन चुके आतंकियों व आईएसआई एजेंटों के पासपोर्ट
यूपी में इससे पहले भी फर्जी दस्तावेजों के जरिए आतंकियों व आईएसआई एजेंटों के पासपोर्ट बनवाए जाने की बात सामने आ चुकी है।
वर्ष 2007 में गोमतीनगर से भाग निकले आईएसआई एजेंट आरिफ का पासपोर्ट तो लखनऊ कार्यालय से ही बना था। कैसरबाग के जिस पते पर उसने पासपोर्ट बनवाया था, वह फर्जी निकला था।
इस मामले की जांच एटीएस ने की थी और उस समय एक दर्जन से अधिक ऐसे पासपोर्ट चिह्नित हुए थे, जिनमें पासपोर्ट बनवाने वाले के नाम-पते फर्जी पाए गए थे। इस मामले में स्थानीय खुफिया इकाई के कुछ कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई थी।