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अब प्लॉट खरीदकर खाली छोड़ देना पड़ेगा महंगा, अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूलेगा प्रशासन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 27 Nov 2018 01:34 PM IST
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अब खरीदे हुए प्लॉट को खाली छोडे़ रखना महंगा पड़ेगा। प्रशासन ऐसे खरीदारों पर शिकंजा कसेगा जिन्होंने बिना कारण लंबे समय से रजिस्ट्री के बाद प्लॉट बिना बाउंड्रीवाल कराए छोड़ रखा है। यह कवायद खाली पड़ी जमीन को अवैध कब्जे से बचाने के लिए होगी।
वहीं, अब प्लॉट या भूखंड की रजिस्ट्री कराने के दौरान इस पर कराए जाने वाले निर्माण की मियाद भी बतानी होगी। बताए समय के बाद प्रशासन बिना बाउंड्रीवाल खाली छोड़े भूखंडों को चिह्नित कर स्टांप न निबंधन विभाग की मदद से निर्माण दर पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूलेगा।
कवायद अमल में लाने के लिए स्टांप व निबंधन विभाग ने अप्रैल में प्रस्तावित सर्किल रेट में ऐसे डिफॉल्टरों पर निर्माण दर पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए गठित होने वाली सर्वे कमेटी को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है।
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प्रभारी अधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व अवनीश सक्सेना ने बताया कि दंडात्मक तौर पर लगने वाली निर्माण दर को न्यूनतम पांच फीसदी तक रखे जाने की तैयारी है। प्रस्तावित तौर पर ऐसी खाली जमीन, प्लॉट को भी अतिरिक्त स्टांप शुल्क के दायरे में लाया जाएगा जिसमें तय मियाद बाद भी निर्माण कराया जाता मिलेगा।
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वहीं, अब प्लॉट या भूखंड की रजिस्ट्री कराने के दौरान इस पर कराए जाने वाले निर्माण की मियाद भी बतानी होगी। बताए समय के बाद प्रशासन बिना बाउंड्रीवाल खाली छोड़े भूखंडों को चिह्नित कर स्टांप न निबंधन विभाग की मदद से निर्माण दर पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क वसूलेगा।
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कवायद अमल में लाने के लिए स्टांप व निबंधन विभाग ने अप्रैल में प्रस्तावित सर्किल रेट में ऐसे डिफॉल्टरों पर निर्माण दर पर अतिरिक्त स्टांप शुल्क लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए गठित होने वाली सर्वे कमेटी को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है।
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प्रभारी अधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व अवनीश सक्सेना ने बताया कि दंडात्मक तौर पर लगने वाली निर्माण दर को न्यूनतम पांच फीसदी तक रखे जाने की तैयारी है। प्रस्तावित तौर पर ऐसी खाली जमीन, प्लॉट को भी अतिरिक्त स्टांप शुल्क के दायरे में लाया जाएगा जिसमें तय मियाद बाद भी निर्माण कराया जाता मिलेगा।
खतौनियों के स्थलीय सत्यापन का चलाया जाएगा अभियान
वहीं, कब्जेदारी की रोकथाम को अब तहसील स्तर पर राजस्व कर्मियों की टीम गठित कर राजस्व अभिलेख में दर्ज खतौनियों का स्थलीय सत्यापन भी अनिवार्य कराया जाएगा। इसमें खतौनी में दर्ज किसानों की जमीन को उनके नामों के मुताबिक दुरुस्त कर स्थलीय फोटो सत्यापन रिपोर्ट बनेगी।
इसके आधार पर खतौनियों में दर्ज जमीन में खातेदारों को बराबर का बंटवारा सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि आपसी विवाद पर भूमाफिया के कब्जों को रोक सभी खातेदारों के नाम खतौनी में दर्ज कराए जा सके। इसके लिए जल्द तहसील स्तर पर दर्ज खतौनियों के स्थलीय सत्यापन का अभियान भी चलाया जाएगा।
इसके आधार पर खतौनियों में दर्ज जमीन में खातेदारों को बराबर का बंटवारा सुनिश्चित कराया जाएगा, ताकि आपसी विवाद पर भूमाफिया के कब्जों को रोक सभी खातेदारों के नाम खतौनी में दर्ज कराए जा सके। इसके लिए जल्द तहसील स्तर पर दर्ज खतौनियों के स्थलीय सत्यापन का अभियान भी चलाया जाएगा।