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नियम ताक पर रख विद्यार्थियों से वसूल लिये 70 लाख रूपये ज्यादा
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बीटेक-एमसीए के छात्रों से ली 70 लाख रुपये ज्यादा फीस
लविवि समायोजित नहीं कर रहा राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में जमा की गई एडवांस फीस
लखनऊ विश्वविद्यालय ने नियमों को दरकिनार कर बीटेक और एमसीएमें दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों से करीब 70 लाख रुपये अतिरिक्त फीस ली है। विवि में बीटेक के दाखिले राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। काउंसलिंग के समय 20 हजार रुपये एडवांस फीस जमा करनी होती है। दाखिले के बाद अभ्यर्थियों को कॉलेज की कुल फीस में से एडवांस फीस घटाकर जमा करनी होती है। मगर लविवि एडवांस फीस की राशि समयोजित किए बिना ही विद्यार्थियों से पूरी राशि जमा करा रहा है।
लविवि में बीटेक के दाखिले राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। एमसीए के दाखिले भी इस साल राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में कुल मिलाकर 432 दाखिले हुए हैं। राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में नियम है कि उन्हें पंजीकरण के साथ ही एडवांस फीस भी जमा करनी होती है। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एडवांस फीस की राशि 20 हजार तथा एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह फीस 12 हजार रुपये है। काउंसलिंग आयोजित कराने वाले एकेटीयू का स्पष्ट निर्देश है कि संस्थानों को एडवांस फीस की राशि समायोजित करने के बाद बची हुई फीस जमा करनी है। लविवि ने इस नियम को दरकिनार कर सभी विद्यार्थियों को पूरी फीस जमा करने का निर्देश दिया। एडवांस फीस की राशि दूसरे सेमेस्टर में समायोजित करने के लिए कहा गया है। सामान्य तथा एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों की एडवांस फीस का औसत निकालें तो प्रति छात्र 16 हजार रुपये एडवांस फीस लविवि समायोजित नहीं कर रहा है। 432 विद्यार्थियों पर यह राशि लगभग 70 लाख रुपये होती है। यह राशि लविवि छह महीने के लिए दबा कर बैठा है।
मेस फीस और कॉशन मनी में भी लविवि ने की मनमानी
लविवि में विद्यार्थियों से ज्यादा वसूली का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले लविवि ने तिलक छात्रावास में 79 के बजाय छात्राओं से 102 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूली कर ली थी। कुलपति के आदेश के बाद यह राशि कई महीने बाद समायोजित की गई। विद्यार्थियों से कॉशन मनी के लिए जमा कराए गए पांच हजार रुपये भी विवि ने पूरे एक साल बाद वापस किए थे।
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स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में भी नियमों की अवहेलना
उच्च शिक्षा विभाग ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संबंध में स्पष्ट आदेश किया है कि इससे मिली फीस की राशि का 75 फीसदी शिक्षकों के वेतन पर खर्च होना चाहिए। इसके बावजूद लविवि ने अपने यहां स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों से मिली फीस का 40 फीसदी हिस्सा खुद रखकर बची हुई राशि से ही कोर्स का संचालन करने का निर्देश दे रखा है।
एडवांस फीस तुरंत होनी चाहिए समायोजित
सभी संस्थानों को निर्देश जारी किया गया है कि वे एडवांस फीस की राशि तुरंत समायोजित करें। एडवांस फीस की राशि अगले सेमेस्टर में समायोजित करने का तर्क गलत है। ऐसा नहीं किया जा सकता।
आशीष मिश्रा,
प्रवक्ता, एकेटीयू
अभी नहीं जानकारी
लविवि में एडवांस फीस समायोजित न करने के मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सोमवार को संबंधित संकाय से बात करके ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।
प्रो. एनके पांडेय,
प्रवक्ता, लविवि
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लविवि समायोजित नहीं कर रहा राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में जमा की गई एडवांस फीस
लखनऊ विश्वविद्यालय ने नियमों को दरकिनार कर बीटेक और एमसीएमें दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों से करीब 70 लाख रुपये अतिरिक्त फीस ली है। विवि में बीटेक के दाखिले राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। काउंसलिंग के समय 20 हजार रुपये एडवांस फीस जमा करनी होती है। दाखिले के बाद अभ्यर्थियों को कॉलेज की कुल फीस में से एडवांस फीस घटाकर जमा करनी होती है। मगर लविवि एडवांस फीस की राशि समयोजित किए बिना ही विद्यार्थियों से पूरी राशि जमा करा रहा है।
लविवि में बीटेक के दाखिले राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। एमसीए के दाखिले भी इस साल राज्य प्रवेश परीक्षा के माध्यम से हुए हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में कुल मिलाकर 432 दाखिले हुए हैं। राज्य प्रवेश परीक्षा की काउंसलिंग में नियम है कि उन्हें पंजीकरण के साथ ही एडवांस फीस भी जमा करनी होती है। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए एडवांस फीस की राशि 20 हजार तथा एससी और एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह फीस 12 हजार रुपये है। काउंसलिंग आयोजित कराने वाले एकेटीयू का स्पष्ट निर्देश है कि संस्थानों को एडवांस फीस की राशि समायोजित करने के बाद बची हुई फीस जमा करनी है। लविवि ने इस नियम को दरकिनार कर सभी विद्यार्थियों को पूरी फीस जमा करने का निर्देश दिया। एडवांस फीस की राशि दूसरे सेमेस्टर में समायोजित करने के लिए कहा गया है। सामान्य तथा एससी-एसटी वर्ग के अभ्यर्थियों की एडवांस फीस का औसत निकालें तो प्रति छात्र 16 हजार रुपये एडवांस फीस लविवि समायोजित नहीं कर रहा है। 432 विद्यार्थियों पर यह राशि लगभग 70 लाख रुपये होती है। यह राशि लविवि छह महीने के लिए दबा कर बैठा है।
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मेस फीस और कॉशन मनी में भी लविवि ने की मनमानी
लविवि में विद्यार्थियों से ज्यादा वसूली का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले लविवि ने तिलक छात्रावास में 79 के बजाय छात्राओं से 102 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूली कर ली थी। कुलपति के आदेश के बाद यह राशि कई महीने बाद समायोजित की गई। विद्यार्थियों से कॉशन मनी के लिए जमा कराए गए पांच हजार रुपये भी विवि ने पूरे एक साल बाद वापस किए थे।
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स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में भी नियमों की अवहेलना
उच्च शिक्षा विभाग ने स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के संबंध में स्पष्ट आदेश किया है कि इससे मिली फीस की राशि का 75 फीसदी शिक्षकों के वेतन पर खर्च होना चाहिए। इसके बावजूद लविवि ने अपने यहां स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों से मिली फीस का 40 फीसदी हिस्सा खुद रखकर बची हुई राशि से ही कोर्स का संचालन करने का निर्देश दे रखा है।
एडवांस फीस तुरंत होनी चाहिए समायोजित
सभी संस्थानों को निर्देश जारी किया गया है कि वे एडवांस फीस की राशि तुरंत समायोजित करें। एडवांस फीस की राशि अगले सेमेस्टर में समायोजित करने का तर्क गलत है। ऐसा नहीं किया जा सकता।
आशीष मिश्रा,
प्रवक्ता, एकेटीयू
अभी नहीं जानकारी
लविवि में एडवांस फीस समायोजित न करने के मामले की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सोमवार को संबंधित संकाय से बात करके ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।
प्रो. एनके पांडेय,
प्रवक्ता, लविवि