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आईईटी ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों मोड में कराएगा एग्जाम
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आईईटी ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी कराएगा परीक्षा
परीक्षार्थियों के पास होंगे दोनों विकल्प, 8 से शुरू हो रहीं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं
प्रदेश के सबसे पुराने इंजीनियरिंग संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण अपनी अंतिम वर्ष की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का निर्णय किया है। 8 सितंबर से शुरू हो रही फ़ाइनल ईयर की परीक्षा में संस्थान अब अपने परीक्षार्थियों को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों का विकल्प दे रहा है।
आईईटी में आठ स्ट्रीम में बीटेक व एमटेक, एमबीए की पढ़ाई होती है। फाइनल ईयर में लगभग 700 स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होना है। इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को हॉस्टल में रखना और उनके लिए खाने-पीने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की व्यवस्था करना इस समय आसान नहीं है। हाल में राजधानी में कोरोना के केस भी काफी बढ़े हैं। इसे देखते हुए संस्थान ने अपने फ़ाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को मेल से सूचित किया कि उनको ऑनलाइन एग्जाम की भी सुविधा मिलेगी। जो स्टूडेंट इसमें शामिल होना चाहते हैं वो इसके लिए अपनी सहमति दें। साथ ही इसकी तैयारी के लिए मॉक टेस्ट भी कराया जा रहा है, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि को भी देखा जा रहा है।
शनिवार शाम तक लगभग 225 विद्यार्थियों ने इसके लिए सहमति भी दी है। निदेशक प्रो. एचके पालीवाल ने बताया कि विद्यार्थी के पास दोनों विकल्प हैं, वो जो बेहतर समझें उसका चुनाव कर सकते हैं। दोनों पेपर एक साथ ही एक समय पर होंगे, जिससे कोई गड़बड़ी न हो सके। काफी विद्यार्थी इसके लिए तैयार हैं। ऑनलाइन एग्जाम में शामिल होने से उनका आने-जाने का समय और खर्च बचेगा। साथ ही यात्रा आदि में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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एआई टूल से होगी निगरानी
संस्थान ऑनलाइन परीक्षा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल से निगरानी करेगा, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी के लैपटॉप या डेस्कटॉप पर लगे कैमरे से उसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर वह परीक्षा में किताब या किसी व्यक्ति का सहयोग लेगा तो उसे पकड़ा जा सकेगा। फेस डिटेक्शन होगा और मूवमेंट करने पर भी उसे पकड़ा जा सकेगा। इसकी निगरानी के लिए अलग से ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे। इसका सफल प्रयोग पहले एकेटीयू की पीजी प्रवेश परीक्षा में भी किया जा चुका है।
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परीक्षार्थियों के पास होंगे दोनों विकल्प, 8 से शुरू हो रहीं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं
प्रदेश के सबसे पुराने इंजीनियरिंग संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण अपनी अंतिम वर्ष की परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का निर्णय किया है। 8 सितंबर से शुरू हो रही फ़ाइनल ईयर की परीक्षा में संस्थान अब अपने परीक्षार्थियों को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों का विकल्प दे रहा है।
आईईटी में आठ स्ट्रीम में बीटेक व एमटेक, एमबीए की पढ़ाई होती है। फाइनल ईयर में लगभग 700 स्टूडेंट्स को परीक्षा में शामिल होना है। इतनी बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स को हॉस्टल में रखना और उनके लिए खाने-पीने, सोशल डिस्टेंसिंग आदि की व्यवस्था करना इस समय आसान नहीं है। हाल में राजधानी में कोरोना के केस भी काफी बढ़े हैं। इसे देखते हुए संस्थान ने अपने फ़ाइनल ईयर के स्टूडेंट्स को मेल से सूचित किया कि उनको ऑनलाइन एग्जाम की भी सुविधा मिलेगी। जो स्टूडेंट इसमें शामिल होना चाहते हैं वो इसके लिए अपनी सहमति दें। साथ ही इसकी तैयारी के लिए मॉक टेस्ट भी कराया जा रहा है, जिसमें इंटरनेट कनेक्टिविटी आदि को भी देखा जा रहा है।
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शनिवार शाम तक लगभग 225 विद्यार्थियों ने इसके लिए सहमति भी दी है। निदेशक प्रो. एचके पालीवाल ने बताया कि विद्यार्थी के पास दोनों विकल्प हैं, वो जो बेहतर समझें उसका चुनाव कर सकते हैं। दोनों पेपर एक साथ ही एक समय पर होंगे, जिससे कोई गड़बड़ी न हो सके। काफी विद्यार्थी इसके लिए तैयार हैं। ऑनलाइन एग्जाम में शामिल होने से उनका आने-जाने का समय और खर्च बचेगा। साथ ही यात्रा आदि में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने की गुंजाइश नहीं रहेगी।
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एआई टूल से होगी निगरानी
संस्थान ऑनलाइन परीक्षा की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल से निगरानी करेगा, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी के लैपटॉप या डेस्कटॉप पर लगे कैमरे से उसकी मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर वह परीक्षा में किताब या किसी व्यक्ति का सहयोग लेगा तो उसे पकड़ा जा सकेगा। फेस डिटेक्शन होगा और मूवमेंट करने पर भी उसे पकड़ा जा सकेगा। इसकी निगरानी के लिए अलग से ऑब्जर्वर तैनात किए जाएंगे। इसका सफल प्रयोग पहले एकेटीयू की पीजी प्रवेश परीक्षा में भी किया जा चुका है।