फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Every jail activity in UP will be monitored by cameras, an amount of 80 lakhs approved

यूपी की हर जेल की गतिविधि पर होगी कैमरों से नजर, 80 लाख की राशि मंजूर

Thu, 24 Sep 2020 09:00 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 24 Sep 2020 09:00 PM IST
विज्ञापन
Every jail activity in UP will be monitored by cameras, an amount of 80 lakhs approved
जिला कारागार रायबरेली - फोटो : amar ujala
यूपी की सभी जेलों में होने वाली गतिविधियों पर कैमरे नजर रखेंगे। इसके लिए जेलों में जेल कर्मचारी बॉडी वॉर्न कैमरा धारण करके ड्यूटी करेंगे। राष्ट्रपति ने यूपी समेत चार राज्यों (राजस्थान, तेलंगाना व पंजाब) की सभी जेलों में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रभावी करने पर सहमति दे दी है। राष्ट्रपति ने इस योजना में यूपी की जेलों के लिए 80 लाख की राशि मंजूर की है। 
विज्ञापन


महानिदेशक कारागार आनंद कुमार ने बताया कि जेल स्टाफ ड्यूटी पर आने के बाद इन कैमरों को धारण करेगा और तत्काल ऑन कर लेगा एक बार ऑन होने के बाद ये कैमरे  उस कर्मचारी की ड्यूटी समाप्त होने के समय ही बंद किए जाएंगे। विशेष परिस्थितियां जबकि बन्दियों या कर्मचारी को निजता की आवश्यकता हो जैसे वाशरूम जाने के लिए वह थोड़ी देर को कैमरे बंद कर सकेंगे। लेकिन उन्हे इसकी सूचना जेल के कर्मचारी को कंट्रोल रूम को देनी पड़ेगी। कैमरे की बैटरी का बैकअप 4 से 5 घंटे तक होगा और आवश्यकता पड़ने पर एक अतिरिक्त बैटरी की भी व्यवस्था रहेगी जिससे कि रिकार्डेड डेटा सुरक्षित रहे।
विज्ञापन


बंदियों और स्टाफ की निजता बनाए रखने हेतु जेल अधीक्षक  रिकार्डेड डेटा की गोपनीयता सुनिश्चित करेंगे।  उन्होंने बताया कि योजना के तहत स्वीकृत धनराशि से उतर प्रदेश की जेलों में निरुध्द बन्दियों के कार्यव्यवहार की रिकॉर्डिंग के लिए वीडियो कैमरे, डिस्प्ले यूनिट्स, वीडियो प्रोडक्शन करने के उपकरण, शॉर्ट वीडियो क्लिप बनाने और उनका विश्लेषण करने के लिए जरूरी उपकरण खरीदे जाएंगे। इनसे प्राप्त विजुवल्स का अध्ययन करने और सुझाव देने हेतु मनोवैज्ञानिकों मनश्चिकित्सकों, विधि -फॉरेंसिक और जेल सुधार विशेषज्ञों की सेवाएं ली जाएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल में मिलने आने वाले बंदियों के परिजनों और शुभचिंतकों को इन कैमरों से प्राप्त वीडियो दिखाया जाएगा जिससे कि वे बन्दियों को अपराध की दुनिया से दूर करने के प्रयासों में जेल प्रशासन की मदद कर सकें। चूंकि जेल का स्टाफ BWC धारण करके ऐसे सभी स्थानों पर ड्यूटी करेगा जहां पर बंदीगण उपस्थित रहते हैं और विभिन्न कार्य करते हैं, जैसे कि जेल की फैक्ट्रियां, जेल के मुलाकात स्थल, जेल अस्पताल, बैरकें आदि। ऐसे में ये कैमरे जेल में बन्दियों द्वारा की गई हिंसक आपराधिक कार्यवाही, उपद्रव, नशे की समस्या आत्महत्या और जेल की सुरक्षा संबंधी समस्याओं का निदान सुझाने में मददगार साबित होंगे।  कैमरे के संचालन, मॉनिटरिंग, रिकॉर्डिंग, स्टोरेज आदि के लिए एक कंट्रोल रूम की स्थापना संबंधित जेल में की जाएगी और जेल के किसी वरिष्ठ अधिकारी को इस कंट्रोल रूम का इंचार्ज बनाया जाएगा। विष्नु
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed