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Lucknow News: चुनाव स्थगन के बाद भी जिला अदालत में पसरा रहा सन्नाटा
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। बार काउंसिल के चुनाव के कारण राजधानी के सभी बार संघों ने 27-28 जनवरी को कार्य बहिष्कार कर रखा था। हालांकि,, चुनाव स्थगित हो जाने के बाद भी जिला अदालत में सन्नाटा पसरा रहा। ज्यादातर वादकारियों ने कोर्ट आने की जगह अपने वकील के जरिये अदालतों में सूचना पहुंचवा दी।
27-28 जनवरी को बार काउंसिल के तीसरे चरण के मतदान होने थे। राजधानी के लगभग 27 हजार मतदाताओं के लिए हाईकोर्ट में पोलिंग बूथ बनाए गए थे। ज्यादातर बार एसोसिएशन ने इस चुनाव को लेकर अदालती कार्य न करने का निर्णय लिया था और पीठासीन अधिकारियों को भी इस निर्णय से अवगत करा दिया था। इस कारण न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े वादकारी, वकील और पक्षकारों के जेहन में था कि इन दो दिनों में कोई महत्वपूर्ण कार्यवाही नहीं होगी।
हालांकि, मतदान के पहले दिन अव्यवस्था के चलते राजधानी के चुनाव को स्थगित करना पड़ा। बुधवार को जिला अदालतें तो खुलीं, लेकिन सन्नाटे जैसा माहौल था। दरअसल, वकीलों के अदालती कार्य न करने की सूचना पहले से थी। लिहाजा, ज्यादातर वादकारी कोर्ट आए ही नहीं। उन्होंने न आने की सूचना अपने अपने वकील को दे दी। जो वादकारी आए भी, उन्हें भी अगली तारीख दे दी गई।
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27-28 जनवरी को बार काउंसिल के तीसरे चरण के मतदान होने थे। राजधानी के लगभग 27 हजार मतदाताओं के लिए हाईकोर्ट में पोलिंग बूथ बनाए गए थे। ज्यादातर बार एसोसिएशन ने इस चुनाव को लेकर अदालती कार्य न करने का निर्णय लिया था और पीठासीन अधिकारियों को भी इस निर्णय से अवगत करा दिया था। इस कारण न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े वादकारी, वकील और पक्षकारों के जेहन में था कि इन दो दिनों में कोई महत्वपूर्ण कार्यवाही नहीं होगी।
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हालांकि, मतदान के पहले दिन अव्यवस्था के चलते राजधानी के चुनाव को स्थगित करना पड़ा। बुधवार को जिला अदालतें तो खुलीं, लेकिन सन्नाटे जैसा माहौल था। दरअसल, वकीलों के अदालती कार्य न करने की सूचना पहले से थी। लिहाजा, ज्यादातर वादकारी कोर्ट आए ही नहीं। उन्होंने न आने की सूचना अपने अपने वकील को दे दी। जो वादकारी आए भी, उन्हें भी अगली तारीख दे दी गई।
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