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रोक के बाद भी इन ट्रेनों की पैंट्रीकार में हो रहा एलपीजी का इस्तेमाल, हादसे से नहीं ले रहे सबक
Sat, 02 Nov 2019 03:50 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 02 Nov 2019 03:50 PM IST
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ट्रेन की पैंट्रीकार में एलपीजी सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
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पाकिस्तान में ट्रेन की पैंट्रीकार में नाश्ता बनाते समय एलपीजी सिलेंडर से लगी आग में 74 लोगों ने जान गंवा दी। पर, हमारे यहां पुष्पक, राप्तीसागर सहित कई ट्रेनों में भी एलपीजी का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। जबकि रेलवे बोर्ड की ओर से रसोईयान में एलपीजी हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रेलवे अधिकारी हादसे के इंतजार में बैठे हैं। दरअसल, बीते 28 सितंबर को पुरी से लखनऊ आ रही नीलांचल एक्सप्रेस की पैंट्रीकार में आग लग गई थी, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया। बता दें कि ट्रेनों की रसोईयान में एलपीजी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने बीते 15 सितंबर तक की मोहलत दी थी।
यह मियाद पूरी हो जाने के बाद भी पैंट्री से सिलेंडर नहीं हट सके, जबकि इससे पहले स्टेशनों को कुकिंग फ्री जोन बनाया जा चुका है। स्टेशनों के काउंटरों पर एलपीजी के प्रयोग को बंद कर इंडेक्शन चूल्हा इस्तेमाल करवाया गया। इसी क्रम में रेलवे की ओर से मार्च, 2017 में नई खानपान नीति को लागू किया।
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ऐसे में सवाल उठता है कि क्या रेलवे अधिकारी हादसे के इंतजार में बैठे हैं। दरअसल, बीते 28 सितंबर को पुरी से लखनऊ आ रही नीलांचल एक्सप्रेस की पैंट्रीकार में आग लग गई थी, जिस पर समय रहते काबू पा लिया गया। बता दें कि ट्रेनों की रसोईयान में एलपीजी के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के लिए रेलवे बोर्ड ने बीते 15 सितंबर तक की मोहलत दी थी।
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यह मियाद पूरी हो जाने के बाद भी पैंट्री से सिलेंडर नहीं हट सके, जबकि इससे पहले स्टेशनों को कुकिंग फ्री जोन बनाया जा चुका है। स्टेशनों के काउंटरों पर एलपीजी के प्रयोग को बंद कर इंडेक्शन चूल्हा इस्तेमाल करवाया गया। इसी क्रम में रेलवे की ओर से मार्च, 2017 में नई खानपान नीति को लागू किया।
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जल्द हटाए जाएंगे एलपीजी
इसके तहत आईआरसीटीसी को खानपान का पूरा जिम्मा सौंप दिया गया और पहले चरण में बेस किचन बनाकर वहां खाना पकाया जाना था और यहीं से खाना ट्रेनों में सप्लाई होता। यह काम आईआरसीटीसी तेजी से पूरा करवा रही है। हालांकि, बेस किचन का काम पूरा नहीं होने की वजह से ही ट्रेनों में एलपीजी सिलिंडर से खाना बनाया जा रहा है। जबकि एलएचबी बोगियों वाली ट्रेन में इंडेक्शन चूल्हा इस्तेमाल हो रहा है। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस की रसोईयान में उत्तर रेलवे जल्द ही इंडक्शन चूल्हा लगवाने जा रहा है।
ट्रेनों की रसोईयान से एलपीजी सिलिंडर हटाने के निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिए थे। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। - जगतोष शुक्ल, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे
ट्रेनों की रसोईयान से एलपीजी सिलिंडर हटाने के निर्देश रेलवे बोर्ड ने दिए थे। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल की काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में जल्द ही इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। - जगतोष शुक्ल, सीनियर डीसीएम, उत्तर रेलवे