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सरकारी स्कूलों का हाल, माध्यम इंग्लिश, पर पढ़ रहे हिंदी मीडियम की किताबें, जानें- वजह

Wed, 21 Aug 2019 12:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Wed, 21 Aug 2019 12:30 PM IST
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english medium students are studying with hindi books
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ जिले में वर्तमान शैक्षिक सत्र में अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों की संख्या 45 से बढ़कर 109 हो गई है। समायोजन कर शिक्षकों की तैनाती भी कर दी गई और पढ़ाई भी शुरू हो गई है। लेकिन इन स्कूलों के करीब 10,000 बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के बजाय हिंदी माध्यम की किताबें थमाई गई हैं।
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अगले माह से यूनिट टेस्ट शुरू हो जाएंगे और नवंबर माह में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं होंगी। बच्चे अंग्रेजी माध्यम की बजाय हिंदी माध्यम की किताबों से पढ़ाई कर रहे हैं। पहले चरण में जिले में 45 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित किया गया। ये सभी विद्यालय प्राथमिक स्तर के थे।
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प्रयोग सफल होने के बाद वर्तमान शैक्षिक सत्र से विभाग ने अंग्रेजी माध्यम के परिषदीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाकर 109 कर दी है। इनमें उच्च प्राथमिक विद्यालयों को भी शामिल कर लिया गया है। इनमें करीब 10 हजार से ज्यादा छात्र अध्ययनरत हैं। इनको पढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर शिक्षकों का समायोजन किया गया।
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हिंदी किताबों से पढ़े हुए पाठ के आधार पर ही देंगे टेस्ट

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाने वाले शिक्षकों का गत माह टेस्ट और साक्षात्कार के आधार पर समायोजन किया गया। मगर विभाग ने अभी तक अंग्रेजी माध्यम की किताबें उपलब्ध नहीं कराई हैं। शिक्षक बच्चों को हिंदी माध्यम की किताबों से पढ़ाई करा रहे हैं। बच्चे हिंदी माध्यम की किताबों से अंग्रेजी माध्यम की पढ़ाई करने का प्रयास कर रहे हैं। सितंबर माह से विद्यालयों में यूनिट टेस्ट शुरू हो जाएंगे। विडंबना है कि बच्चे टेस्ट भी हिंदी किताबों से पढ़े हुए पाठ के आधार पर ही देंगे।

विद्यालय और छात्र बढ़ने से आई समस्या
विद्यालय व छात्र बढ़ने से किताबें घट गईं थीं। पूर्व में जो विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से थे उनकेछात्रों को अंग्रेजी माध्यम की किताबें उपलब्ध करा दी गईं। बाद में जो बढ़े हैं उनको उपलब्ध कराया जा रहा है। - डॉ. अमर कांत सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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