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दावा निकला खोखला : यूपी में कम होने के बजाय बढ़ गई बिजली की चोरी, शहर से गांव तक 10-15 फीसदी बढ़ोतरी

Wed, 08 Sep 2021 10:52 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अनिल श्रीवास्तव, अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 08 Sep 2021 10:52 AM IST
सार

पाॅवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को पत्र भेजकर वितरण लाइन हानियों में कमी के बजाय अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सख्त नाराजगी जताई है। 

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Engineers claim hollow: Electricity theft increased instead of decreasing in UP, 47 in urban areas, 65 percent theft in rural areas
विद्युत लाइन पर पड़ीं कटिया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजली लाइन हानियों के ताजा आंकड़ों ने बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के तमाम प्रयासों और सुधार के दावों की पोल खोलकर रख दी है। सरकार से लेकर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन और बिजली कंपनियों की कोशिशों के बावजूद बिजली चोरी बढ़ गई है। पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष जुलाई तक के आंकड़े देखें तो शहरी क्षेत्रों के 30 विद्युत वितरण खंडों में वितरण लाइन हानियों (बिजली चोरी) में 10 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इनमें इसमें ऊर्जा मंत्री के  गृह जिले मथुरा, मुख्यमंत्री के  गृह जिले गोरखपुर तथा प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के वितरण खंड भी शामिल हैं।

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इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों के 44 वितरण खंडों में बीते साल के मुकाबले इस साल वितरण लाइन हानियां 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ी हैं। इसमें भी ऊर्जा मंत्री के  गृह जिले मथुरा के साथ-साथ कई अन्य प्रमुख जिलों के वितरण खंड शामिल हैं। शहरी क्षेत्रों में 47 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 65 फीसदी तक लाइन हानियां हुई हैं।
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उल्टा पड़ा सुधार का वादा, बढ़ गईं वितरण लाइन हानियां
निजीकरण की सुगबुगाहट पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बिजली अभियंता भी सुधार के वादे पर खरे नहीं उतरे। पछले साल पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आंदोलन करने वाले बिजली अभियंताओं ने सरकार के साथ 6 अक्तूबर 2020 को हुए समझौते में सुधार करके दिखाने का दावा किया था, लेकिन हुआ उल्टा। लाइन हानियां कम होने के बजाय बढ़ गई हैं।
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- पश्चिमांचल विद्युत निगम में शहरी क्षेत्र के 12 वितरण खंडों में 10 जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के 27 वितरण खंडों में लाइन हानियों में 15 फीसदी से ज्यादा इजाफा हुआ है।
- मध्यांचल में शहरी क्षेत्रों के पांच व ग्रामीण क्षेत्रों के एक, दक्षिणांचल में शहरी क्षेत्र के छह और ग्रामीण क्षेत्र के 11 तथा पूर्वांचल में शहरी क्षेत्रों के सात व ग्रामीण क्षेत्रों के पांच वितरण खंडों में बिजली चोरी बढ़ी है।

पॉवर कॉर्पोरेशन नाराज, कंपनियों को लिखा पत्र

पाॅवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को पत्र भेजकर वितरण लाइन हानियों में कमी के बजाय अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर सख्त नाराजगी जताई है। पत्र के साथ उन वितरण खंडों की सूची भी संलग्न की गई है, जहां बीते साल के मुकाबले इस वर्ष जून तक शहरी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत से ऊपर और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 प्रतिशत से ऊपर की वृद्धि दर्ज हुई है। उन्होंने दो टूक कहा है कि वितरण खंड हानियां कम करने में कोई रुचि नहीं ले रहीं। उन्होंने बिजली कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चिह्नित खंडों में उपभोक्ताओं की शत प्रतिशत बिलिंग, बकायेदार उपभोक्ताओं का कनेक्शन काटने तथा बिजली चोरी रोकने के लिए नियमित छापेमारी की कार्रवाई की मॉनिटरिंग की जाए जिससे लाइन हानियों में कमी और राजस्व वसूली में वृद्धि हो सके।

शहरी क्षेत्रों में सर्वाधिक वितरण लाइन हानियां
वितरण खंड    पिछले वर्ष    इस वर्ष
अष्ठम नोएडा    27.57    47.09
फिरोजाबाद द्वितीय    28.99    43.75
ग्रेटर नोएडा    21.08    40.53
बीकेटी लखनऊ    14.83    37.37
बमरौली प्रयागराज    22.89    37.72
गोरखपुर द्वितीय    21.52    32.03
मथुरा प्रथम    5.11    24.00
वृंदावन    20.25    32.62

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