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Lucknow News: केजीएमयू में बच्चों को भी मिलेगी इंडोस्कोपी की सुविधा
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- पीडियाट्रिक विभाग में 55 लाख रुपये की लागत से लगाई जाएगी इंडोस्कोपी मशीन
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू में अब पीडियाट्रिक इंडोस्कोपी की सुविधा शुरू होने जा रही है। बच्चों को जल्द ही यहां सुविधा मिलने लगेगी। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि शासन से इसके लिए संस्थान को 55 लाख रुपये मिले हैं। इंडोस्कोपी मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी साल यह काम करने लगेगी।
इंडोस्कोपी मशीन विशेष प्रकार की सुविधा है, जिसमें लचीली ट्यूब मरीज के पेट में डाली जाती है। इसके सिरे पर एक कैमरा लगा रहता है। इस कैमरे के माध्यम से डॉक्टर मरीज के पेट की स्थिति को स्क्रीन पर देख सकते हैं। इससे इलाज में काफी आसानी हो जाती है। अभी तक माना जाता था कि पेट संबंधी गंभीर बीमारियां सिर्फ वयस्कों को ही होती हैं। अब बच्चों में भी काफी समस्याएं देखी जा रही हैं। अभी तक जरूरत पड़ने पर वयस्कों की इंडोस्कोपी मशीन से ही बच्चों की जांच हो जाती है। हालांकि इसकी काफी सीमाएं होती हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। विभाग में इसके साथ ही लीड ईसीजी का एक सिमुलेटर और एलईडी फोटो थेरेपी के 10 उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं। इनका उपयोग विभाग में मेडिकल के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए किया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। केजीएमयू में अब पीडियाट्रिक इंडोस्कोपी की सुविधा शुरू होने जा रही है। बच्चों को जल्द ही यहां सुविधा मिलने लगेगी। केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. सुधीर सिंह ने बताया कि शासन से इसके लिए संस्थान को 55 लाख रुपये मिले हैं। इंडोस्कोपी मशीन स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसी साल यह काम करने लगेगी।
इंडोस्कोपी मशीन विशेष प्रकार की सुविधा है, जिसमें लचीली ट्यूब मरीज के पेट में डाली जाती है। इसके सिरे पर एक कैमरा लगा रहता है। इस कैमरे के माध्यम से डॉक्टर मरीज के पेट की स्थिति को स्क्रीन पर देख सकते हैं। इससे इलाज में काफी आसानी हो जाती है। अभी तक माना जाता था कि पेट संबंधी गंभीर बीमारियां सिर्फ वयस्कों को ही होती हैं। अब बच्चों में भी काफी समस्याएं देखी जा रही हैं। अभी तक जरूरत पड़ने पर वयस्कों की इंडोस्कोपी मशीन से ही बच्चों की जांच हो जाती है। हालांकि इसकी काफी सीमाएं होती हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। विभाग में इसके साथ ही लीड ईसीजी का एक सिमुलेटर और एलईडी फोटो थेरेपी के 10 उपकरण भी खरीदे जा रहे हैं। इनका उपयोग विभाग में मेडिकल के विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए किया जाएगा।
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