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यूपी में इमरजेंसी के मरीजों को कोरोना पॉजिटिव मानकर होगा इलाज
Sat, 30 May 2020 11:39 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sat, 30 May 2020 11:39 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
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प्रदेश में इमरजेंसी के मरीजों को कोरोना पॉजिटिव मानते हुए संक्रमण से बचाव की पूरी प्रक्रिया के साथ इलाज होगा। सेमी इमरजेंसी श्रेणी में आने वाली बीमारियों के मरीजों को कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट लाने के बाद इलाज मुहैया कराया जाएगा। यह निर्देश चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को दिए। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एल टू व एल थ्री कोविड केयर सेंटर स्थापित किए गए हैं। ऐसे नॉन कोविड मरीज जिनमें इमरजेंसी नहीं होती है, उनके स्वास्थ्य समस्याओं का निदान टेलीमेडिसिन ओपीडी से किया जाएगा।
खन्ना ने बताया कि कई अस्पतालों की इमरजेंसी व मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण में पाया गया कि हार्निया, अपेंडिक्स, गॉलब्लाडर, कैटरैक्ट आदि के मरीज जो इमरजेंसी की श्रेणी में नहीं आते हैं और उनका इलाज स्थगित किया जा रहा है। पर, उन्हें लंबे समय तक इलाज न मिलना ठीक नहीं है। इसलिए ऐसे मरीजों को पूरे बचाव के साथ सेमी इमरजेंसी के रूप में चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार दिया जाए। टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से चुने गए ऐसे मरीजों जिनका चिकित्सीय परीक्षण और मूत्र, रक्त व एक्सरे आदि जांच जरूरी है। उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर देकर अस्पताल की सेमी इमरजेंसी सर्विसेज में बुलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर मरीज व तीमारदार में कोरोना संक्रमण की संभावना रहती है। इसकी पुष्टि न होने से स्वयं मरीज, तीमारदार के साथ ही अस्पताल में मौजूद अन्य मरीज व चिकित्सीय दल में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। सेमी इमरजेंसी में बुलाए जाने वाले ऐसे मरीज अगर कोरोना की जांच कराकर निगेटिव रिपोर्ट के साथ आते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और उनका आसानी से इलाज किया जा सकेगा। सेमी इमरजेंसी सेवा शुरू होने से नॉन कोविड मरीजों को इलाज कराने में काफी सुविधा हो जाएगी।
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खन्ना ने बताया कि कई अस्पतालों की इमरजेंसी व मेडिकल कॉलेजों के निरीक्षण में पाया गया कि हार्निया, अपेंडिक्स, गॉलब्लाडर, कैटरैक्ट आदि के मरीज जो इमरजेंसी की श्रेणी में नहीं आते हैं और उनका इलाज स्थगित किया जा रहा है। पर, उन्हें लंबे समय तक इलाज न मिलना ठीक नहीं है। इसलिए ऐसे मरीजों को पूरे बचाव के साथ सेमी इमरजेंसी के रूप में चिकित्सीय परामर्श एवं उपचार दिया जाए। टेलीमेडिसिन ओपीडी के माध्यम से चुने गए ऐसे मरीजों जिनका चिकित्सीय परीक्षण और मूत्र, रक्त व एक्सरे आदि जांच जरूरी है। उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर देकर अस्पताल की सेमी इमरजेंसी सर्विसेज में बुलाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हर मरीज व तीमारदार में कोरोना संक्रमण की संभावना रहती है। इसकी पुष्टि न होने से स्वयं मरीज, तीमारदार के साथ ही अस्पताल में मौजूद अन्य मरीज व चिकित्सीय दल में भी संक्रमण फैलने का खतरा रहता है। सेमी इमरजेंसी में बुलाए जाने वाले ऐसे मरीज अगर कोरोना की जांच कराकर निगेटिव रिपोर्ट के साथ आते हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है और उनका आसानी से इलाज किया जा सकेगा। सेमी इमरजेंसी सेवा शुरू होने से नॉन कोविड मरीजों को इलाज कराने में काफी सुविधा हो जाएगी।
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