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अस्पतालों में ईएमओ का संकट, इमरजेंसी संचालन में आ रही परेशानी

Mon, 08 Jul 2019 01:21 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2019 01:21 AM IST
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emergency medical officers are not sufficient in hospitals
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इमरजेंसी मेडिकल अफसर छोड़ रहे नौकरी, अस्पतालों में संकट
लखनऊ। कई ईएमओ के नौकरी छोड़ देने से झलकारीबाई, डफरिन समेत कई सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी मेडिकल अफसरों का संकट है। बाकी ईएमओ से पद विपरीत काम लिया जा रहा है। अस्पताल प्रभारियों का कहना है कि ईएमओ की मांग शासन व एनएचएम को भेजी गई है।
झलकारीबाई अस्पताल में यूपी हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट (यूपीएचएसएसपी) के तहत आठ ईएमओ तैनात थे। इसमें पांच ने नौकरी छोड़ दी है। तीन ईएमओ हैं जबकि एक स्थायी पद पर ईएमओ की तैनाती है। इसमें दो ईएमओ को एसएनसीयू यूनिट में लगाया गया है और एक ईएमओ की गाइनी यूनिट में ड्यूटी लगी है। ऐसे में एक ईएमओ के सहारे ही इमरजेंसी संचालन में काफी परेशानी आ रही है। अस्पताल प्रशासन ने एनएचएम से ईएमओ की मांग की है। सीएमएस डॉ. सरोज के मुताबिक, अस्पताल में केवल एक स्थायी ईएमओ है। मरीजों का बहुत लोड है। ऐसे में इमरजेंसी संचालन में परेशानी आ रही है।
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बेहोशी के डॉक्टर का भी संकट
अस्पताल के पास बेहोशी के डॉक्टर का भी संकट है। इससे ऑपरेशन में दिक्कत आ रही थी। इसे देखते हुए सीएमएस ने सीएमओ से बेहोशी के डॉक्टरों की मांग की जहां से ऑनकॉल डॉक्टर आकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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अस्पताल में बेड 82
हर दिन भर्ती - 30-40
सिजेरियन ऑपरेशन - 10-11
सामान्य प्रसव - 5-7
डॉक्टर - 12
डफरिन में पांच ईएमओ पहले ही छोड़ चुके नौकरी
यूपीएचएसएसपी के तहत डफरिन में तैनात पांच ईएमओ नौकरी छोड़ चुके हैं। संविदा पर महज दो ईएमओ हैं। जिन पर इंडोर-आउटडोर का लोड रहता है। ऐसे में इमरजेंसी में आने वाली गर्भवतियों को भर्ती तक के लिए इंतजार करना पड़ता है। सीएमएस डॉ. नीरा जैन के मुताबिक, ईएमओ की मांग एनएचएम को भेजी गई है।
दो डॉक्टरों के भरोेसे अरबन सीएचसी
शहर की आठ अरबन सीएचसी दो महिला डॉक्टरों के भरोसे चल रही हैं। इनमें डॉक्टरों का संकट है। ईएमओ का कोई पद सृजित नहीं है। महिला विशेषज्ञ ही इमरजेंसी का संचालन करती है। अरबन सीएचसी प्रभारियों का कहना है कि एनएचएम से बस एक मेडिकल अफसर मिला है।
अलीगंज सीएचसी की प्रभारी डॉ. रश्मि बताती हैं कि डॉक्टरों का बड़ा संकट है। हर रोज तीन से चार डिलवरी केस होते हैं। ओपीडी का संचालन होता है। डॉक्टरों की मांग सीएमओ से की गई है। एनएचएम की ओर से पांच पद स्वीकृत किए गए थे। इसमें तीन पद अभी तक खाली हैं।

नए पदों की स्वीकृति को भेजा है प्रस्ताव
अरबन सीएचसी में डॉक्टरों की कमी है, किसी तरह से इनका संचालन कराया जा रहा है। डॉक्टरों के नए पदों की स्वीकृति को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से मुहर लगने बाद इन सीएचसी पर डॉक्टरों की कमी दूर होगी।
सीएमओ, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल
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