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केजीएमयू में 14 घंटे रही बिजली गुल, एक्सरे समेत तमाम विभागों में जांचें ठप रही
Fri, 12 Jul 2019 12:30 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 12 Jul 2019 12:30 AM IST
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kgmu
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में बुधवार से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक कई विभागों में बिजली गुल रही। इससे जांच से लेकर अन्य चिकित्सकीय कार्य प्रभावित रहा। जनरेटर बैकअप से आपूर्ति कराई मगर एसी बंद करा दिए गए। लिंब सेंटर, न्यूरोलॉजी व पैथोलॉजी विभाग में करीब 14 घंटे तक बिजली गायब रही। इससे मरीजों की जांचें नहीं हो पाई। केजीएमयू प्रशासन का कहना है केबल फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति ठप रही। हालांकि जनरेटर बैकअप से कार्य चलाया गया।
राजधानी में बुधवार रात शुरू हुई तेज बारिश की वजह से केजीएमयू उपकेंद्र में अंडरग्राउंड केबल फाल्ट आ गया। इससे केजीएमयू के आधे हिस्से में बिजली गुल हो गई। न्यूरोलॉजी विभाग के मरीजों को काफी परेशानी हुई। उनकी जांच तक नहीं हो पाई। मरीज जांच के इंतजार में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक बैठे रहे। रोजाना 10 से 12 मरीजों की ईईजी जांच होती है। दूसरी जांचे भी 20 से ज्यादा मरीजों की होती हैं। इस दौरान तमाम मरीज वापस लौट गए।
बिजली गुल होने से बड़ी पैथोलॉजी भवन के कलेक्शन सेंटर में खून के नमूने तो लिए गए मगर जांच नहीं हुई। इसी तरह लिंब सेंटर में हड्डी रोग विभाग व पीएमआर विभाग का संचालन हो रहा है। हड्डी रोग विभाग में एक्सरें जांच नहीं हो सकी। लिंब सेंटर में हर रोज करीब 150 से अधिक मरीजों का एक्सरे होता है। जो बिजली न होने से प्रभावित रही।
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राजधानी में बुधवार रात शुरू हुई तेज बारिश की वजह से केजीएमयू उपकेंद्र में अंडरग्राउंड केबल फाल्ट आ गया। इससे केजीएमयू के आधे हिस्से में बिजली गुल हो गई। न्यूरोलॉजी विभाग के मरीजों को काफी परेशानी हुई। उनकी जांच तक नहीं हो पाई। मरीज जांच के इंतजार में सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक बैठे रहे। रोजाना 10 से 12 मरीजों की ईईजी जांच होती है। दूसरी जांचे भी 20 से ज्यादा मरीजों की होती हैं। इस दौरान तमाम मरीज वापस लौट गए।
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बिजली गुल होने से बड़ी पैथोलॉजी भवन के कलेक्शन सेंटर में खून के नमूने तो लिए गए मगर जांच नहीं हुई। इसी तरह लिंब सेंटर में हड्डी रोग विभाग व पीएमआर विभाग का संचालन हो रहा है। हड्डी रोग विभाग में एक्सरें जांच नहीं हो सकी। लिंब सेंटर में हर रोज करीब 150 से अधिक मरीजों का एक्सरे होता है। जो बिजली न होने से प्रभावित रही।
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मेडिसिन विभाग के आईसीयू में बंद होने लगे थे वेंटीलेटर
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग के आईसीयू में भर्ती मरीजों की जान पर बुधवार रात बन आई थी। आईसीयू में बिजली गुल होने संग जनरेटर का बैकअप भी अचानक बंद हो गया था। इससे वहां पर हड़कंप मच गया था। किसी तरह जनरेटर ठीक होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
केजीएमयू के जिन विभागों में जनरेटर बैक अप सही था। वहां एसी व अन्य उपकरणों को बंद करके जीवनरक्षक उपकरणों को चलाया गया। मेडिसिन विभाग में बिजली संकट बना होने के कारण आईसीयू में भी दिक्कत बनी हुई थी। मेडिसिन विभाग के गांधी वार्ड में स्थित आईसीयू जनरेटर बैकअप से चल रहा था। यहां पर दस बेड पर जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मरीज जीवन संघर्ष कर रहे थे। यहां पर बदोपहर में अचानक जनरेटर ने बैकअप देना बंद कर दिया।
जीवन रक्षक उपकरण बंद होने से पहले बीप देने लगे। सभी उपकरण बीप देने लगे तो वहां पर तैनात डाक्टरों में हड़कंप मच गया। उपकरण बंद होते ही मरीजों की जान पर संकट बन जाता। डाक्टरों से लेकर पैरामेडिकल, जूनियर डाक्टर जनरेटर व्यवस्था को देखने के लिए भाग दौड़ करने लगे। बिजली विभाग के इंजीनियरों को बुलाकर जनरेटर को ठीक कराया गया।
केजीएमयू के जिन विभागों में जनरेटर बैक अप सही था। वहां एसी व अन्य उपकरणों को बंद करके जीवनरक्षक उपकरणों को चलाया गया। मेडिसिन विभाग में बिजली संकट बना होने के कारण आईसीयू में भी दिक्कत बनी हुई थी। मेडिसिन विभाग के गांधी वार्ड में स्थित आईसीयू जनरेटर बैकअप से चल रहा था। यहां पर दस बेड पर जीवनरक्षक उपकरणों के साथ मरीज जीवन संघर्ष कर रहे थे। यहां पर बदोपहर में अचानक जनरेटर ने बैकअप देना बंद कर दिया।
जीवन रक्षक उपकरण बंद होने से पहले बीप देने लगे। सभी उपकरण बीप देने लगे तो वहां पर तैनात डाक्टरों में हड़कंप मच गया। उपकरण बंद होते ही मरीजों की जान पर संकट बन जाता। डाक्टरों से लेकर पैरामेडिकल, जूनियर डाक्टर जनरेटर व्यवस्था को देखने के लिए भाग दौड़ करने लगे। बिजली विभाग के इंजीनियरों को बुलाकर जनरेटर को ठीक कराया गया।
इस दौरान करीब बीस मिनट बीत गए। मेडिसिन विभाग के एक वरिष्ठ डाक्टर ने बताया कि अगर ज्यादा समय लग गया होता तो उपकरण बंद होना शुरु हो जाते। मरीजों की सांस थमने लग जाती। फि लहाल सभी ने भाग दौड़ करके जनरेटर को दोबारा चालू कराया।
केजीएमयू में मरीजों को किसी तरह की जांच प्रभावित नहीं हुई। सभी जांच का कार्य जनरेटर से कराया गया। कहा आईसीयू में जनरेटर में कुछ खराबी आने की बात सामने नहीं आई है। कहा लेसा से आने वाली लाइन में फाल्ट हुआ था।
डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
केजीएमयू में मरीजों को किसी तरह की जांच प्रभावित नहीं हुई। सभी जांच का कार्य जनरेटर से कराया गया। कहा आईसीयू में जनरेटर में कुछ खराबी आने की बात सामने नहीं आई है। कहा लेसा से आने वाली लाइन में फाल्ट हुआ था।
डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू