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यूपी का समर: लखनऊ में चुनाव को लेकर 5 साल बाद बना गजब संयोग
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 05 Jan 2017 11:34 AM IST
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डेमो पिक
- फोटो : demo pic
यूपी में चुनावी समर का शंखनाद हो गया है। खास बात ये है कि लखनऊ में 5 साल बाद चुनाव तारीख को लेकर गजब का संयोग बना है।
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पांच साल बाद एक बार फिर 19 फरवरी को ही राजधानी के 35 लाख से अधिक वोटर नौ विधानसभा सीटों पर विधायकों के भाग्य का फैसला करेंगे।
पिछले विधानसभा चुनावों में भी लखनऊ ने 19 फरवरी को ही वोटिंग की थी। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में ताल ठोकने वाले प्रत्याशियों के नामों को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो चुका है।
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शहरी क्षेत्र में चाय-पान की दुकान से लेकर गांव की चौपाल तक पर बस प्रमुख दलों से खड़े होने वाले उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चा जारी है।
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महिला वोटरों की संख्या काफी कम
डेमो पिक
राजधानी में कुल वोटरों की संख्या 35.15 लाख है। इसमें 19 लाख से अधिक पुरुष मतदाता हैं। वहीं महिला वोटरों की संख्या काफी कम है। इतनी कवायदों के बाद भी सिर्फ 16.12 लाख महिला मतदाता ही वोटर लिस्ट में शामिल हुई हैं। खास बात है कि विधानसभा चुनावों में पहली बार थर्ड जेंडर भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
वर्ष 2012 में गुए विधानसभा चुनाव में जिले की नौ सीटों में से सात पर समाजवादी पार्टी का वर्चस्व था। कांग्रेस व भाजपा के हिस्से में सिर्फ एक-एक सीट ही आई थी।
सपा ने मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, मध्य, उत्तर व मोहनलालगंज सीट पर जीत हासिल की थी। कैंट में कांग्रेस और लखनऊ पूर्व में भाजपा जीती थी। चुनाव मोड में आ चुके राजनीतिक दल नौ विधानसभा सीटों पर अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।
वर्ष 2012 में गुए विधानसभा चुनाव में जिले की नौ सीटों में से सात पर समाजवादी पार्टी का वर्चस्व था। कांग्रेस व भाजपा के हिस्से में सिर्फ एक-एक सीट ही आई थी।
सपा ने मलिहाबाद, बीकेटी, सरोजनीनगर, लखनऊ पश्चिम, मध्य, उत्तर व मोहनलालगंज सीट पर जीत हासिल की थी। कैंट में कांग्रेस और लखनऊ पूर्व में भाजपा जीती थी। चुनाव मोड में आ चुके राजनीतिक दल नौ विधानसभा सीटों पर अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।