भाजपा का संकल्प पत्र: एजेंडे को धार, सरोकारों पर नजर
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भाजपा ने निकाय चुनाव के लिए जारी संकल्प पत्र से न सिर्फ हिंदुत्व के एजेंडे को धार देने की कोशिश की है बल्कि शहरियों के रोजमर्रा के सरोकारों पर लुभावने वादे करके चुनावी गणित साधने का प्रयास किया है। विधानसभा चुनाव की तरह इस चुनाव में भी मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, प्रयाग, विंध्याचल, नैमिषारण्य, चित्रकूट, कुशीनगर और वाराणसी को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ने तथा बौद्ध सर्किट से संबंधित महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों के विकास का वादा किया गया है। जाहिर है हिंदुत्व का एजेंडा सर्वोपरि है।
पिछड़े, दलित, गरीब और युवा
लोकसभा चुनाव के समय से ही भाजपा के एजेंडे में दलित, पिछड़े और गरीब रहे हैं। इसलिए इन तबकों के कल्याण और उत्थान के लिए भाजपा की संकल्पबद्धता का संदेश देने वाले कामों को भी संकल्प पत्र में शामिल करके पार्टी ने अपने मूल शहरी वोट को और मजबूती से जोड़ने की कोशिश की है। साथ ही निकायों के अधिशासी अधिकारियों के पद पर उच्च तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त एमबीए स्नातक युवाओं को तैनाती देने की बात कहकर युवाओं को भी लुभाने का प्रयास किया है। महिलाओं के लिए कई वादे करके इन्हें भी लामबंद करने का प्रयास किया गया है।
पुराने कामों को विस्तार
इस संकल्प पत्र में धार्मिक स्थलों के लिए लखनऊ से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने, मथुरा, काशी, झांसी एवं गोरखपुर को जोड़ने वाले रोड कॉरिडोर का निर्माण, प्रमुख शहरों में रिंग रोड, बाईपास, अंडरपास का निर्माण और वातानुकूलित बस सेवा का संचालन जैसी घोषणाएं विधानसभा चुनाव के दौरान लाए गए संकल्प पत्र का ही विस्तार हैं। निकायों की शैक्षणिक संस्थाओं में स्मार्ट क्लासेज का संचालन, कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की घोषणा, गंदे पानी की निकासी, धार्मिक, ऐतिहासिक , पुरातात्विक महत्व के स्थानों का सौंदर्यीकरण तथा लाइट एवं साउंड सिस्टम की व्यवस्था, बसों में प्री पेड स्मार्ट कार्ड, शहरों के मुख्य इलाकों में 20 से 50 साइकिल वाले स्टैंड बनाने का वादा, मुख्य स्थानों पर वाई-फाई जैसी सुविधाओं के वादे, मजदूरों और जरूरतमंदों के लिए शहरी आजीविका मिशन से शेल्टर होम्स का निर्माण भी नई बातें नहीं हैं।
सवाल के सहारे साधे सियासी समीकरण
सरोकारों का सहारा
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गरीबों पर नजर