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Lucknow News: बुजुर्ग महिला का होना था कूल्हे का ऑपरेशन, मौत
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ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय।
लखनऊ। ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में कूल्हे के ऑपरेशन के लिए भर्ती हुई 72 वर्षीय बुजुर्ग महिला की समय पर इलाज न मिलने से मौत हो गई। मृतका के बेटे ने डॉक्टरों और स्टाफ पर लापरवाही के साथ ही रुपये मांगने के भी आरोप लगाए हैं। इस मामले की शिकायत डिप्टी सीएम से की गई है।
दुबग्गा के लालाबाग निवासी नीरज ने अपनी मां राजरानी (72) को कूल्हे के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। इलाज ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश प्रजापति की देखरेख में चल रहा था। नीरज का आरोप है कि उनकी मां आयुष्मान कार्ड धारक थीं और ऑपरेशन मुफ्त होना था, लेकिन अस्पताल के एक कर्मचारी ने 15 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इन्कार करने पर इलाज में ढिलाई बरती गई।
परिजनों के अनुसार, 19 फरवरी की सुबह करीब चार बजे राजरानी को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। मदद के लिए डॉक्टर और स्टाफ को काफी खोजा, लेकिन वार्ड में कोई नहीं मिला। आरोप है कि जब कुछ स्टाफ मिले, तो उन्होंने तीमारदार को फटकार लगाकर भगा दिया। काफी देर बाद जब स्टाफ वार्ड में पहुंचा, तब तक राजरानी की मौत हो चुकी थी।
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मामले की जांच के लिए सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांचेगी। सीएमएस ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही मिलती है, तो कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
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दुबग्गा के लालाबाग निवासी नीरज ने अपनी मां राजरानी (72) को कूल्हे के ऑपरेशन के लिए 16 फरवरी को ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया था। इलाज ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश प्रजापति की देखरेख में चल रहा था। नीरज का आरोप है कि उनकी मां आयुष्मान कार्ड धारक थीं और ऑपरेशन मुफ्त होना था, लेकिन अस्पताल के एक कर्मचारी ने 15 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इन्कार करने पर इलाज में ढिलाई बरती गई।
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परिजनों के अनुसार, 19 फरवरी की सुबह करीब चार बजे राजरानी को अचानक सांस लेने में तकलीफ हुई। मदद के लिए डॉक्टर और स्टाफ को काफी खोजा, लेकिन वार्ड में कोई नहीं मिला। आरोप है कि जब कुछ स्टाफ मिले, तो उन्होंने तीमारदार को फटकार लगाकर भगा दिया। काफी देर बाद जब स्टाफ वार्ड में पहुंचा, तब तक राजरानी की मौत हो चुकी थी।
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मामले की जांच के लिए सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने दो सदस्यीय कमेटी बनाई है। कमेटी परिजनों के बयान दर्ज करने के साथ वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांचेगी। सीएमएस ने आश्वासन दिया है कि यदि जांच में डॉक्टर या स्टाफ की लापरवाही मिलती है, तो कठोर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।