यूपी में नौकरियों की भरमार, होंगी 8000 भर्तियां
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इन भर्तियों के लिए सरकारी एजेंसियों का चयन कर लिया गया है। इन्हें जिलावार संविदा कर्मचारी उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिला समन्वयक को 25 हजार रुपये और ब्लॉक समन्वयक को 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा।
सूबे में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) पहले केंद्र की मदद से संचालित हो रहा था। अब राज्य सरकार इसे अपने संसाधनों से चला रही है। इसके लिए पंचायती राज विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
मिशन का उद्देश्य ग्रामीणों में स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूकता पैदा करना है। इसके लिए पंचायतीराज विभाग ने प्रदेश, मंडल, जिला और ब्लॉक स्तर पर समन्वयक के साथ ही कंप्यूटर ऑपरेटर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, एकाउंटेंट और सहायक क्लर्क के 8000 पदों को संविदा के आधार पर भरने का निर्णय किया है।
ये होगा इनकी भर्ती का मकसद
ये समन्वयक स्वच्छता अभियान के प्रति ग्रामीणों की भागदारी बढ़ाएंगे। वे शौचालयों के निर्माण की योजना बनाने के साथ ही लोगों को उनका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करेंगे। वे गांवों में स्वच्छता की स्थिति का ब्यौरा तैयार करने के साथ ही पूरे कार्यक्रम की समीक्षा भी करेंगे।
पंचायती राज उत्तर प्रदेश के निदेशक उदयवीर सिंह यादव का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) में मैनपावर की कमी को पूरा करने के लिए संविदा पर समन्वयक समेत 8000 पदों को भरा जाएगा। वित्त विभाग को इसका प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमोदन मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।