आजम ने फंसाया पेंच, लटक गई योजना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्पसंख्यक बच्चों के शैक्षिक स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें व्यावसायिक शिक्षा देने के उद्देश्य से लाई जाने वाली एजुकेशन हब योजना में फिर फेरबदल होने जा रहा है।
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने अब इसमें उच्च शिक्षा को भी जोड़ने का फरमान जारी कर दिया है। दो बार कैबिनेट में जाने के लिए तैयार हो चुकी योजना के प्रस्ताव में अब तीसरी बार फेरबदल होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपनी सरकार बनने के कुछ दिन बाद ही इस योजना की घोषणा की थी। घोषणा के अनुरूप ही अल्पसंख्यक विभाग ने ‘अल्पसंख्यकों की शैक्षिक सहभागिता एवं उन्नयन योजना’ का विस्तृत खाका तैयार किया।
इसमें प्रत्येक जनपद में दो मॉडल विद्यालय बनाए जाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। अल्पसंख्यकों को माध्यमिक शिक्षा (हाईस्कूल व इंटरमीडिएट) के साथ ही व्यावसायिक शिक्षा एक ही छत के नीचे दिए जाने के लिए यह योजना बनी।
पूर्णतया आवासीय खुलने वाले इन मॉडल कॉलेजों में प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी कराया जाना शामिल किया गया।
पढ़ें- अल्पसंख्यकों की एक बड़ी योजना को मंजूरी
पूरा प्रस्ताव तैयार करके कैबिनेट की बैठक में रखने के लिए जैसे ही विभागीय मंत्री आजम खां के पास फाइल भेजी गई तो उन्होंने इसमें बेसिक शिक्षा जोड़ने का सुझाव दे दिया। अल्पसंख्यक विभाग ने दूसरी बार योजना तैयार की। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग से एनओसी ली गई।
पिछले दिनों जब दोबारा एजुकेशन हब का प्रस्ताव कैबिनेट में ले जाने के लिए मंत्री आजम खां के पास भेजा गया तो उन्होंने एक बार फिर इसमें बदलाव करने के निर्देश दे दिए। अब मंत्री ने इसमें उच्च शिक्षा जोड़ने के लिए कहा है।
मंत्री के निर्देश मिलने के बाद अब फिर अल्पसंख्यक विभाग तीसरी बार प्रस्ताव तैयार करने में लग गया है। उच्च शिक्षा विभाग से भी इसके लिए एनओसी ली जाएगी। बहरहाल, मंत्री के नए फरमान से यह योजना फिर कुछ महीनों के लिए लटक गई है।
बजट में की थी 34 करोड़ की व्यवस्था
अल्पसंख्यक विभाग ने ‘अल्पसंख्यकों की शैक्षिक सहभागिता एवं उन्नयन योजना’ शुरू करने के लिए 34 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी बजट में कर ली थी। वर्ष 2013-14 के बजट में स्वीकृत यह रुपये आज भी वैसे ही पड़े हुए हैं। दरअसल, पिछले आठ माह से मुख्यमंत्री की घोषणा वाली अल्पसंख्यकों की यह योजना पूरी ही नहीं हो पा रही है।
पहले चरण में 20 जिलों में खुलने हैं 40 विद्यालय
पहले चरण में 20 जिलों में 40 मॉडल विद्यालय खोले जाने हैं। प्रत्येक जनपद में एक बालक व एक बालिका विद्यालय खोलने की योजना है। सभी विद्यालय पूर्णतया आवासीय होंगे। इसमें वे जनपद लिए गए हैं जिनमें अल्पसंख्यकों की आबादी अधिक है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से दूसरे अल्पसंख्यक बहुल जनपदों को भी योजना में शामिल किया जाना है।