{"_id":"680e96883c81daa95608543a","slug":"education-and-training-work-affected-due-to-lack-of-instructors-lucknow-news-c-13-1-lko1103-1177537-2025-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अनुदेशकों की कमी से शिक्षा और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अनुदेशकों की कमी से शिक्षा और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित
विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। राजकीय प्रौद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में लंबे समय से अनुदेशक के पद खाली हैं। इसका असर छात्रों की शिक्षा और प्रशिक्षण पर पड़ रहा है। आलम यह है कि अनुदेशकों की कमी के चलते प्रवेश लेने के बाद छात्र बीच में ही आईटीआई छोड़ दे रहे हैं। ऐसे में राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद के अफसरों ने आईटीआई का सर्वे कर रिक्त पदों पर भर्ती और शिक्षा गुणवत्ता में सुधार की योजना बनाने की तैयारी में है।
राजधानी सहित प्रदेश में 286 राजकीय आईटीआई संचालित हैं, इनमें 47 राजकीय महिला आईटीआई शामिल हैं। परिषद के अनुसार, संस्थानों में अनुदेशक तकनीकी के 6,577 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 2,399 पदों पर शिक्षकों की तैनाती है। 4,178 रिक्त पदों पर अभी तक भर्ती नहीं हुई। हालांकि, आयोग की ओर से 1,134 अनुदेशक के पदों पर हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं।
परिषद के अनुसार, एक माह के अंदर इन्हें अलग-अलग संस्थानों तैनाती देने की तैयारी है। अफसरों के अनुसार, साल 2022 से 2025 तक अनुदेशक सेवानिवृत्त होते गए, लेकिन अभी तक भर्ती नहीं हुई।
विज्ञापन
राजकीय आईटीआई में 154 प्रधानाचार्यों के पद भी खाली
प्रदेश के राजकीय आईटीआई की शिक्षा गुणवत्ता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां पर लंबे समय से मुखिया ही नहीं है। परिषद के अनुसार, प्रधानाचार्य श्रेणी दो के 270 पद स्वीकृत हैं इनमें 116 पर भर्ती जबकि, 154 पद अभी खाली हैं। इसी तरह कार्यदेशक के 726 पदों में से 66 पद रिक्त हैं। कनिष्ठ सहायक के स्वीकृत 495 में से 215 पदों पर भर्ती नहीं हुई। चतुर्थ श्रेणी के 1789 में से 849 पदों पर भर्ती नहीं हुई।
आईटीआई अनुदेशक के 1,134 पदों पर परिणाम जारी किया गया है। एक महीने के अंदर रिक्त पदों पर भर्ती होगी। अन्य रिक्त पदों के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुदेशकों की कमी से छात्रों की शिक्षा और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसका ध्यान दिया जा रहा है। सभी राजकीय आईटीआई में अध्ययनरत छात्रों को तकनीक परक शिक्षा मिलेगी।
- नेहा प्रकाश, निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन।
राजधानी सहित प्रदेश में 286 राजकीय आईटीआई संचालित हैं, इनमें 47 राजकीय महिला आईटीआई शामिल हैं। परिषद के अनुसार, संस्थानों में अनुदेशक तकनीकी के 6,577 पद स्वीकृत हैं, जिनमें 2,399 पदों पर शिक्षकों की तैनाती है। 4,178 रिक्त पदों पर अभी तक भर्ती नहीं हुई। हालांकि, आयोग की ओर से 1,134 अनुदेशक के पदों पर हुई परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन
परिषद के अनुसार, एक माह के अंदर इन्हें अलग-अलग संस्थानों तैनाती देने की तैयारी है। अफसरों के अनुसार, साल 2022 से 2025 तक अनुदेशक सेवानिवृत्त होते गए, लेकिन अभी तक भर्ती नहीं हुई।
विज्ञापन
राजकीय आईटीआई में 154 प्रधानाचार्यों के पद भी खाली
प्रदेश के राजकीय आईटीआई की शिक्षा गुणवत्ता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि यहां पर लंबे समय से मुखिया ही नहीं है। परिषद के अनुसार, प्रधानाचार्य श्रेणी दो के 270 पद स्वीकृत हैं इनमें 116 पर भर्ती जबकि, 154 पद अभी खाली हैं। इसी तरह कार्यदेशक के 726 पदों में से 66 पद रिक्त हैं। कनिष्ठ सहायक के स्वीकृत 495 में से 215 पदों पर भर्ती नहीं हुई। चतुर्थ श्रेणी के 1789 में से 849 पदों पर भर्ती नहीं हुई।
आईटीआई अनुदेशक के 1,134 पदों पर परिणाम जारी किया गया है। एक महीने के अंदर रिक्त पदों पर भर्ती होगी। अन्य रिक्त पदों के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। अनुदेशकों की कमी से छात्रों की शिक्षा और प्रशिक्षण कार्य प्रभावित न हो इसका ध्यान दिया जा रहा है। सभी राजकीय आईटीआई में अध्ययनरत छात्रों को तकनीक परक शिक्षा मिलेगी।
- नेहा प्रकाश, निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन।