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रिवर फ्रंट घोटाले में ईडी ने कसा शिकंजा, पूछताछ से पहले ही इंजीनियर के सीने में उठा दर्द
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 06 May 2018 04:45 PM IST
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गोमती रिवर फ्रंट
- फोटो : amar ujala
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प्रवर्तन निदेशालय ने रिवर फ्रंट घोटाले की जांच तेज कर दी है। जांच के पहले चरण में आरोपी इंजीनियरों से पूछताछ शुरू की गई है। इस मामले में अब तक तीन इंजीनियरों को पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है।
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सूत्रों की मानें तो सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर रहे रूप सिंह को भेजा गया समन वापस आ गया है। प्रवर्तन निदेशालय उन्हें दोबारा समन भेजने की तैयारी कर रहा है। वहीं जिन इंजीनियरों से पूछताछ की गई है, उसमें गोलेश चंद्र, शिवमंगल और अखिल रमन शामिल हैं।
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गोलेश चंद्र से कई घंटे तक पूछताछ हुई। हालांकि वह ईडी के अधिकारियों के सवालों का सीधा जवाब नहीं दे सके। सूत्रों का कहना है कि अखिल रमन और शिवमंगल के बयान अभी दर्ज नहीं किए जा सके हैं।
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कहा जा रहा है कि पूछताछ से पहले ही एक इंजीनियर ने सीने में दर्द की शिकायत की जिसके बाद उसका मेडिकल चेकअप कराने के लिए भेज दिया गया है। इन दोनों ही इंजीनियरों को सात और आठ मई को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
सूत्रों का कहना है कि इन दोनों अधिकारियों ने ही निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी के साथ 625 करोड़ रुपये का अनुबंध किया था। इसकी स्वीकृति तत्कालीन चीफ इंजीनियर रहे गोलेश ने दी थी। गोलेश को 15 मई को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
मालूम हो कि रिवर फ्रंट के कथित घोटाले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपा था। सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने अपने यहां बीते मार्च माह में दर्ज किया था। अब इस मामले में शामिल इंजीनियरों और अन्य अधिकारियों को एक-एक कर पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है।