ईडी ने की महाठग से पूछताछ: रिश्वतखोर अफसरों और एजेंटों के नाम पर शेरपुरिया ने साधी चुप्पी
लखनऊ के विभूति खंड थाने में महाठग से ईडी मुख्यालय की टीम ने पूछताछ की। ईडी ने उसके दिल्ली आवास से बरामद डिजिटल उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
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महाठग संजय राय शेरपुरिया से ईडी मुख्यालय की टीम ने राजधानी लखनऊ के विभूति खंड थाने में दोबारा गहन पूछताछ की। इस दौरान उससे रिश्वत लेकर जांच खत्म करने वाले विभिन्न एजेंसियों के उसके करीबी अफसरों और बाकी एजेंटों के नाम पूछे। शेरपुरिया ईडी के अफसरों के सामने किसी भी अफसर से संपर्क नहीं होने की बात कहता रहा। ईडी अफसरों ने जब उसके घर से बरामद डायरी में लिखे नामों को सामने रखकर सवाल किया तो उसने चुप्पी साध ली। वहीं, शेरपुरिया और उसके एजेंट कासिफ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद ईडी अब दोनों को रिमांड पर लेने के लिए अदालत से अनुरोध करेगी।
दरअसल, ईडी के छापों में शेरपुरिया के दिल्ली और गाजीपुर स्थित आवास से कई संदिग्ध दस्तावेज मिले थे, जिसके बारे में जांच एजेंसी को तमाम अहम जानकारियां जुटानी हैं। उसके गाजीपुर के आवास से गुजरात में खोली गई कंपनियों से जुड़े दस्तावेज, एनजीओ का लेखा-जोखा और तमाम युवाओं के आधार कार्ड व शैक्षणिक दस्तावेज मिले थे। वहीं, दिल्ली के आवास से बरामद मोबाइल, लैपटॉप, टैब और पेन ड्राइव को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद शेरपुरिया से जुड़े कई राजनेताओं और अफसरों की पोल खुल सकती है।
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राइडिंग क्लब से मिले अहम सुबूत
सूत्रों की मानें तो शेरपुरिया के दिल्ली के राइडिंग क्लब स्थित कार्यालय से कई अहम सुबूत मिले हैं। खासतौर पर बैंक खातों के स्टेटमेंट से कई शेल कंपनियों में लाखों रुपये भेजने की पुष्टि हुई है। इन शेल कंपनियों से कई पूर्व नौकरशाहों के भी जुड़े होने की आशंका है, जिनको शेरपुरिया काम कराने के एवज में कंपनी के जरिए भुगतान करता था। बाद में इस रकम को कई खातों में घुमाया जाता था। इस फेहरिस्त में गुजरात और दिल्ली के 20 से ज्यादा पूर्व अधिकारी शामिल हैं, जो उसके एनजीओ के एडवाइजरी बोर्ड में शामिल थे।