{"_id":"62cb2ba7e22a01202c17a312","slug":"eco-tourism-board-will-be-formed-in-up-cm-yogi-told-the-need","type":"story","status":"publish","title_hn":"Eco Tourism Board : यूपी में किया जाएगा ईको टूरिज्म बोर्ड का गठन, सीएम योगी ने बताई दरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Eco Tourism Board : यूपी में किया जाएगा ईको टूरिज्म बोर्ड का गठन, सीएम योगी ने बताई दरकार
Mon, 11 Jul 2022 01:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 11 Jul 2022 01:12 AM IST
सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छुट्टियों पर आने वाले पर्यटकों में से 35 प्रतिशत पर्यटकों के ईको-हॉलिडे बुक करने की संभावना अधिक होती है। इससे ग्लोबल ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सबके मिले-जुले प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश नेचर, कल्चर और एडवेंचर का संगम बन रहा है। इससे संबंधित जरूरतों को देखते हुए ईको टूरिज्म बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छुट्टियों पर आने वाले पर्यटकों में से 35 प्रतिशत पर्यटकों के ईको-हॉलिडे बुक करने की संभावना अधिक होती है। इससे ग्लोबल ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि ईको टूरिज्म को गति देने के लिए पर्यटन, सिंचाई, वन, आयुष और ग्राम्य विकास आदि विभागों को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। इसके लिए प्रदेश में ईको टूरिज्म बोर्ड का गठन किया जाए। बोर्ड में संबंधित विभागों के मंत्रियों, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, महानिदेशक व निदेशक के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी स्थान दिया जाना चाहिए। पर्यटन विभाग को इसका नोडल विभाग बनाया जाना चाहिए। बोर्ड में भारतीय वन सेवा के योग्य अधिकारी को भी स्थान दिया जाए। बोर्ड गठन की कार्यवाही यथाशीघ्र पूरी की जाए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बोर्ड, पर्यटन व सांस्कृतिक विरासत मूल्यों का प्रचार-प्रसार, स्थानीय समुदायों की कौशल क्षमता का निर्माण, पर्यटकों के लिए यात्रा कार्यक्रम तैयार करना आदि काम करेगा। उन्होंने कहा कि ईको पर्यटन, वन्य जीव और अन्य वानिकी कार्यों में स्थानीय लोगों को शामिल किए जाने के लिए नेचर गाइड बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
विज्ञापन
इसके लिए योग्य युवाओं का चयन कर इनका बेहतर प्रशिक्षण दिलाया जाए। वन्य जीवों की रिहाइश वाले जंगलों के बीच स्थित गांवों का समुचित व्यवस्थापन कराया जाए। इस कार्य में प्रभावित होने वाले लोगों की सहमति जरूर ली जाए।