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इकोग्रीन कंपनी को मिलेंगे तीस करोड़, खरीदी जाएंगी गाड़ियां
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लखनऊ। शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बीते सप्ताह हुई बैठक पर अब अमल होने जा रहा है। इसके लिए करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से नई गाड़ियों की खरीद और तीन ट्रांसफर स्टेशनों को सही करने पर खर्च किए जाएंगे। इसके बाद कंपनी को पहले चरण में आधे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था को शतप्रतिशत करना होगा।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पूरे शहर में शतप्रतिशत हो उसके लिए कंपनी को आने वाले छह महीने तो नगर निगम टिपिंग फीस का भी पूरा भुगतान करेगा ताकि कंपनी यह बहाना न बनाए कि भुगतान न होने से उसका कामकाज प्रभावित हो रहा है। कचरा प्रबंधन का काम करने वाली चीनी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी का इस समय टिपिंग फीस के रूप में करीब 40 करोड़ रुपये नगर निगम पर बकाया है। इसको लेकर ही बीते सप्ताह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कंपनी के चीनी प्रतिनिधि मंडल की बैठक हुई थी। उसमें बकाया भुगतान के मसले पर नगर निगम की ओर से यह बात रखी गई कि कंपनी काम ठीक नहीं है और सदन में भी हंगामा हो चुका है। कंपनी जितना यूजर चार्ज वसूल कर रही है उसको उतना भुगतान किया जा रहा है। इस पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम जो पैसा देगा उसको कंपनी संसाधन बढ़ाने पर खर्च करेगी। उसको लेकर नहीं जाएगी।
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कंपनी ने नगर निगम को सौंपी 30 करोड़ की योजना
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने के बाद इकोग्रीन एनर्जी की ओर से करीब 30 करोड़ रुपये की कार्ययोजना नगर निगम को सौंपी गई है, जिसमें गाड़ियों की खरीद, कर्मचारियाें की संख्या बढ़ाने और ग्वारी, पुरनिया और मल्लपुर ट्रांसफर स्टेशन को बेहतर बनाने का हवाला दिया गया है। यह काम भी शासन की निगरानी में कंपनी करेगी। वाहनों की खरीद का काम भी शासन स्तर से किया जाएगा ताकि शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
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चार जोन में पहले करना होगा काम पूरा
बैठक में बनी सहमति के तहत अब निजी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी को जोन एक, चार, पांच व आठ में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और कूड़े को शिवरी प्लांट तक ले जाने का काम शतप्रतिशत करना होगा। उसके बाद शेष अन्य जोनों में उसे कूड़ा कलेक्शन का काम शतप्रतिशत करना होगा।
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अभी पटरी से उतरा है डोर टू डोर कलेक्शन
इकोग्रीन एनर्जी कंपनी को जिम्मेदारी संभाले करीब दो साल हो गए, लेकिन अब तक वह पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम नहीं कर पा रही है। इसको लेकर आए दिन कंपनी की शिकायत होती है। नगर निगम सदन में बवाल कई बार हो चुका है। उसके बाद भी कंपनी काम में सुधार नहीं कर पा रही है। सख्ती होने पर कंपनी यह आरोप लगाती है कि उसका बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। वेतन न दे पाने के कारण उसके कर्मचारी भाग जा रहे हैं। शहर में करीब छह लाख घर हैं। उनमें से कंपनी करीब ढाई लाख घरों से कूड़ा लेने का दावा तो करती है, लेकिन वहां से भी तमाम शिकायतें आती हैं।
जो आदेश मिलेगा उस पर अमल करेंगे
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के काम को प्रभावी करने पर बात हुई। उसमें इकोग्रीन एनर्जी का चीनी प्रतिनिधि मंडल भी था। नगर निगम पर करीब 40 करोड़ बकाया है। बैठक में कंपनी की ओर से यह कहा गया कि वह जो पैसा मिलेगा उसे संसाधन बढ़ाने पर खर्च करेगी। यह बैठक में चर्चा की बात है। अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है। जो आदेश आएगा उस पर अमल किया जाएगा।
इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त
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डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था पूरे शहर में शतप्रतिशत हो उसके लिए कंपनी को आने वाले छह महीने तो नगर निगम टिपिंग फीस का भी पूरा भुगतान करेगा ताकि कंपनी यह बहाना न बनाए कि भुगतान न होने से उसका कामकाज प्रभावित हो रहा है। कचरा प्रबंधन का काम करने वाली चीनी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी का इस समय टिपिंग फीस के रूप में करीब 40 करोड़ रुपये नगर निगम पर बकाया है। इसको लेकर ही बीते सप्ताह मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कंपनी के चीनी प्रतिनिधि मंडल की बैठक हुई थी। उसमें बकाया भुगतान के मसले पर नगर निगम की ओर से यह बात रखी गई कि कंपनी काम ठीक नहीं है और सदन में भी हंगामा हो चुका है। कंपनी जितना यूजर चार्ज वसूल कर रही है उसको उतना भुगतान किया जा रहा है। इस पर कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर निगम जो पैसा देगा उसको कंपनी संसाधन बढ़ाने पर खर्च करेगी। उसको लेकर नहीं जाएगी।
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कंपनी ने नगर निगम को सौंपी 30 करोड़ की योजना
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक होने के बाद इकोग्रीन एनर्जी की ओर से करीब 30 करोड़ रुपये की कार्ययोजना नगर निगम को सौंपी गई है, जिसमें गाड़ियों की खरीद, कर्मचारियाें की संख्या बढ़ाने और ग्वारी, पुरनिया और मल्लपुर ट्रांसफर स्टेशन को बेहतर बनाने का हवाला दिया गया है। यह काम भी शासन की निगरानी में कंपनी करेगी। वाहनों की खरीद का काम भी शासन स्तर से किया जाएगा ताकि शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
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चार जोन में पहले करना होगा काम पूरा
बैठक में बनी सहमति के तहत अब निजी कंपनी इकोग्रीन एनर्जी को जोन एक, चार, पांच व आठ में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और कूड़े को शिवरी प्लांट तक ले जाने का काम शतप्रतिशत करना होगा। उसके बाद शेष अन्य जोनों में उसे कूड़ा कलेक्शन का काम शतप्रतिशत करना होगा।
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अभी पटरी से उतरा है डोर टू डोर कलेक्शन
इकोग्रीन एनर्जी कंपनी को जिम्मेदारी संभाले करीब दो साल हो गए, लेकिन अब तक वह पूरे शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम नहीं कर पा रही है। इसको लेकर आए दिन कंपनी की शिकायत होती है। नगर निगम सदन में बवाल कई बार हो चुका है। उसके बाद भी कंपनी काम में सुधार नहीं कर पा रही है। सख्ती होने पर कंपनी यह आरोप लगाती है कि उसका बकाया भुगतान नहीं हो रहा है। वेतन न दे पाने के कारण उसके कर्मचारी भाग जा रहे हैं। शहर में करीब छह लाख घर हैं। उनमें से कंपनी करीब ढाई लाख घरों से कूड़ा लेने का दावा तो करती है, लेकिन वहां से भी तमाम शिकायतें आती हैं।
जो आदेश मिलेगा उस पर अमल करेंगे
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था और डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के काम को प्रभावी करने पर बात हुई। उसमें इकोग्रीन एनर्जी का चीनी प्रतिनिधि मंडल भी था। नगर निगम पर करीब 40 करोड़ बकाया है। बैठक में कंपनी की ओर से यह कहा गया कि वह जो पैसा मिलेगा उसे संसाधन बढ़ाने पर खर्च करेगी। यह बैठक में चर्चा की बात है। अभी कोई लिखित आदेश नहीं आया है। जो आदेश आएगा उस पर अमल किया जाएगा।
इंद्रमणि त्रिपाठी, नगर आयुक्त