भूकंप के दो बड़े झटकों से दहली यूपी की राजधानी
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लखनऊ के लोग भूकंप के आदी नहीं हैं। उन्हें पता भी नहीं है कि भूकंप कैसे आता है। दोपहर के लगभग 11 बजकर 45 मिनट पर जब लोगों ने खुद को हल्के से हिलते-डुलते पाया तो शुरुआती तौर पर उनको यह अपना वहम लगा। बाद में पता चला कि यह भूकंप के गहरे झटके हैं।
रिक्टर पैमाने पर 4 से 5 क्षमता वाले भूकंप के तीन झटकों से शनिवार की दोपहर राजधानी दहल उठी। नेपाल इस भूकंप का केंद्र था जहां 500 से अधिक लोगों के मरने की खबरें हैं।
लखनऊ में भूकंप की तीव्रता वैसी नहीं थी लेकिन भूकंप के ये झटके किसी को भी डरारे के लिए काफी थे। भूकंप के झटकों के समय जो जिस हालत में था उसी हालत में अपनी जगह से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़ा।
स्कूल, अस्पताल, शापिंग माल, सरकारी निजी कार्यालय, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, एयरपोर्ट, अपार्टमेंट, कॉलोनी, गली-मोहल्ले, सड़क हर जगह केवल भूकंप की ही दहशत नजर आती रही। घंटों लोग सामान्य नहीं हो सके। लोगों ने अपनी समझ से सुरक्षित जगह पनाह लेने की कोशिश की। शहर के पार्क लोगों को सबसे सुरक्षित जगह लगे।
लोगों का नहीं पर इमारतों को हुआ नुकसान
लखनऊ शहर में भूकंप की वजह से किसी के मरने की कोई खबर नहीं है हालांकि कई जगह इमारतों को नुकसान हुआ। चौपटिया में मस्जिद की मीनार दीवार से टेढ़ी होकर चिपक गई। अमीनाबाद में भी एक बिल्डिंग को नुकसान हो गया। नादान महल रोड के एक मकान में दरार आ गई।
स्कूलों में बच्चों के बीच दहशत फैल गई। सीएम के स्कूलों को बंद करने के आदेश के बाद आनन-फानन में बच्चे घरों के लिए भेज दिये गये। अस्पतालों में बेड सहित मरीजों को बाहर भेज दिया गया। इस बीच मोबाइल नेटवर्क लगभग ठप हो गया। सर्वर डाउन रहे। संचार प्रणाली बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गई।
सुबह 11:46 मिनट पहला झटका लगने के बाद रात तक हालात सामान्य नहीं हो सके। लोगों के मन में भूकंप की आशंका बनी रही। भारतीय भूगर्भ विज्ञान संस्थान (जीएसआई) उप महानिदेशक उत्तरी क्षेत्र सिद्धार्थ स्वरूप ने बताया कि, हम भूकंप की तीव्रता पर नजर रखे हुए हैं। राजधानी में भूकंप की क्षमता चार से पांच रिक्टर पैमान पर आंकी गई है। भूकंप का केंद्र राजधानी से केवल 400 किलोमीटर की एयरोनॉटिकल दूरी पर था।
आए लगभग 18 झटके
भूकंप का पहला झटका जब 11:46 मिनट पर लगा तो कुछ ही क्षण के कंपन के बाद राजधानी वासियों को इस बात का अहसास हो गया कि, भूकंप आया है। इसके ठीक बाद लोग खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े।
इसके साथ ही शहर भर में हड़कंप मच गया। अपार्टमेंट की प्रत्येक मंजिल से निकल कर लोग बाहर आने लगे। लिफ्ट भर गई तो सीढ़ियों से ही लोग दौड़ पड़े। लोग बाहर आये। कंपन खत्म हुआ तो कुछ लोग दोबारा अपने स्थानों पर चले गए। लगभग 28 मिनट बाद 12:14 मिनट पर दूसरा झटका महसूस किया
गया।
जिसके बादएक बार फिर से बचे खुचे लोग भी बाहर निकल गए। इसके बाद में लोगों ने खुले स्थान में रहने में ही समझदारी महसूस की गई। इसके बाद में शाम को 6:00 बजे तक हालात कुछ सामान्य होना शुरू हुए तो 6:17 मिनट पर एक बार फिर से भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। एक बार फिर शहरवासी सड़क और खुले स्थानों पर आने लगे।
दिल्ली स्थित मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 11 बजकर 45 मिनट के बाद से छोटे बड़े 18 झटके लग चुके हैं। कुछ झटके लोगों को महसूस हुए और कुछ नहीं।