'लेट हुई मेट्रो, तो होगी रोज 50 लाख की चोट'
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मेट्रो मैन ई. श्रीधरन का कहना है कि मेट्रो रेल परियोजना के अधिकारियों-कर्मचारियों को अनुशासन और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखना होगा।
काम में एक भी दिन का विलंब होने से प्रोजेक्ट की लागत 50 लाख रुपये बढ़ जाएगी और इसे बाद में कर के रूप में जनता से ही वसूल किया जाएगा।
जनता पर कर का बोझ न बढ़े और एलएमआरसी उत्तर प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ सरकारी एजेंसी बने, इसके लिए अलग वर्क कल्चर डवलप करना होगा। यह कहना है मेट्रोमैन ई.श्रीधरन का।
लखनऊ का सर्वश्रेष्ठ विभाग होगा मेट्रो
ई. श्रीधरन ने कहा कि फिलहाल परियोजना को कोई दिक्कत नहीं है, मगर यूपी परियोजनाओं में देरी के लिए काफी बदनाम रहा है। यह इस परियोजना में बिल्कुल भी संभव नहीं है।
एक दिन की देरी लागत में 50 लाख रुपये बढ़ा देगी। इसलिए हम बिल्कुल अलग तरीके से काम करेंगे।
नए एमडी और निदेशक जब अपना काम करना शुरू कर देंगे, उसके बाद में हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे और धीरे-धीरे यूपी का सर्वश्रेष्ठ विभाग बनेंगे।
टेंडर प्रक्रिया 14 तक आगे बढ़ी
ई. श्रीधरन ने बताया कि करीब 24 कंपनियां आगे आई हैं, इसलिए टेंडर प्रक्रिया 31 से बढ़ा कर 14 अगस्त तक कर दी गई है। निर्माण का आगाज सितंबर में ही किया जाएगा।
वहीं मवइया क्रॉसिंग पर बनाए जाने वाले स्पेशल स्पॉन को लेकर भी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए आठ अगस्त को प्री बिड कांफ्रेंस दिल्ली में होगी।
26 अगस्त को इस टेंडर की अंतिम तिथि होगी। श्रीधरन ने बताया कि भूमिगत सेक्शन के लिए भी बहुत जल्द ही टेंडर किया जाएगा।
इसके साथ इसके आगे के सेक्शन के भी टेंडर समय समय पर किए जाते रहेंगे। इन टेंडर डॉक्यूमेंट का निर्माण डीएमआरसी निशुल्क करेगा।
रेलवे और एलएमआरसी दोनों सहमत
मवइया पुल के ऊपर से स्पेशल स्पॉन बनाए जाने के बावजूद एक घंटे के लिए भी ट्रेन नहीं रोकी जाएगी। मेट्रोमैन ने बताया कि कुछ इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल स्पेशल स्पान के निर्माण में किया जाएगा कि, बिल्कुल भी ट्रेन रोकी जाए। जबकि, करीब 60 फीट की ऊंचाई से ये पुल गुजरेगा।
एलएमआरसी के अधिकारियों का भी कहना है कि, रेलवे के अधिकारी बहुत ही सकारात्मक हैं और उनकी पूरी मदद करेंगे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणेंद्र कुमार ने भी एलएमआरसी को हर संभव मदद देने की बात कही।
दरअसल चारबाग क्षेत्र में मेट्रो के लिए रेलवे की एनओसी और जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में रेलवे का सकारात्मक रुख इस परियोजना को नए मुकाम देगा।