फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Drivers' bus strike: Drivers beat up Charbagh ARM, passengers in panic

चालकों की बस हड़ताल: चारबाग एआरएम को ड्राइवरों ने पीटा, दहशत में यात्री, पैसेंजरों से की गई अभद्रता

Mon, 01 Jan 2024 09:46 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
अमर उजाला सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 01 Jan 2024 09:46 PM IST
सार

चारबाग व कैसरबाग बस अड्डे पर संविदा चालकों ने बसों से यात्रियों को उतारा और कहासुनी की। अराजकता फैला रहे लोगों से डरकर कामर्शियल वाहनों के चालकों ने सवारियों को बीच रास्ते में ही उतार दिया, जिसकी वजह से सड़कों पर यात्री परेशान होते रहे।

विज्ञापन
Drivers' bus strike: Drivers beat up Charbagh ARM, passengers in panic
शहर के अंदर ऑटो और टैम्पों भी नहीं चले। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ड्राइवरों की हड़ताल शांतिपूर्वक नहीं रही। कई हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आईं। सवारियों की सुविधा के लिए चारबाग के एआरएम प्रशांत दीक्षित दोपहर में चारबाग बस अड्डे पर बसों का संचालन बहाल करवा रहे थे। इसी बीच संविदा चालक सरकारी बसों पर डंडे मारने लगे। रोडवेज ड्राइवरों से अभद्रता की। गालीगलौज भी की। एआरएम प्रशांत दीक्षित ने जब ऐसा करने से मना किया तो चालकों ने उनकी डंडे से पिटाई कर दी। एआरएम ने कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची नाका पुलिस ने चार आरोपी चालकों को हिरासत में ले लिया। प्रशांत दीक्षित ने बताया कि आलमबाग डिपो के अनुबंधित वाहन के चालक रोशन सिंह, दिलवर सिंह, जितेंद्र, आशीष शुक्ला ने बवाल किया। उन्होंने जब रोका तो इन लोगों ने उनकी पिटाई कर दी।

विज्ञापन


पैसेंजरों से अभद्रता, यात्रियों को बीच सड़क उतारा
इतना ही नहीं रोडवेज बसों में जब अफसर यात्रियों को बिठा रहे थे तो संविदा चालक पैसेंजरों से अभद्रता पर उतारू हो गए। चारबाग व कैसरबाग बस अड्डे पर संविदा चालकों ने बसों से यात्रियों को उतारा और कहासुनी की। अराजकता फैला रहे लोगों से डरकर कामर्शियल वाहनों के चालकों ने सवारियों को बीच रास्ते में ही उतार दिया, जिसकी वजह से सड़कों पर यात्री परेशान होते रहे। जो चालक हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहते थे, उन्हें भी जबरन रोका गया। इस दौरान पुलिस भी मूक दर्शक बनी रही। रायबरेली रोड स्थित उतरटिया अंडरपास के पास भी आधा दर्जन लोगों ने ई रिक्शा, ऑटो रिक्शा चालकों से अभद्रता कर सवारियां उतार दी।
विज्ञापन


समर्थन में उतरा लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट
मोटर व्हीकल एक्ट के नए प्राविधान में हिट एंड रन नियम में दस साल की सजा व जुर्माना लागू होने के विरोध में ट्रांसपोर्टर भी उतर गए हैं। ड्राइवर एसोसिएशन की ओर से प्रस्तावित एक से तीन जनवरी तक ट्रक और टैंकर के हड़ताल में लखनऊ गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने समर्थन किया है। महामंत्री पंकज शुक्ला ने कहा कि यदि जनविरोधी हिट एंड रन के काले कानून को सरकार वापस नहीं लिया जाता तो ट्रांसपोर्टर ट्रकों को बंद कर देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रपति से की अपील, भेजा पत्र
भारतीय न्याय संहिता 2023 के अंतर्गत 10 वर्ष की कैद और भारी जुर्माने के प्राविधान को लेकर ड्राइवरों में नाराजगी है। परिवहन के पूरे उद्योग पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। कारोबार ठप हो जाएगा। ऐसे में इस कानून को वापस लेने के लिए अखिल भारतीय परिवहन विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश गुप्त अग्रहरि ने राष्ट्रीय को पत्र भेजकर अपील की है।

बिना नोटिस हड़ताल पर गए
बगैर नोटिस दिए अचानक अनुबंधित बस चालक हड़ताल पर चले गए। इससे रोडवेज बसों से अनुबंध पर चल रहे बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। ड्राइवरों ने खुद बसों का चक्का जाम कर दिया। -अजीत सिंह, महासचिव उप्र अनुबंधित बस एसोसिएशन

यात्रियों को दिक्कत हुई
ऑटो-टेम्पो यूनियनों ने हड़ताल के लिए नोटिस नहीं दी थी। कुछ अराजक तत्वों ने अफवाह फैलाकर चक्का जाम किया। ऑटो टेम्पो का संचालन जबरन बंद करवाया। जिससे यात्रियों को दिक्कतें हुईं। -पंकज दीक्षित, अध्यक्ष, लखनऊ थ्री व्हीलर ऑटो रिक्शा संघ

80 फीसदी ठप रहीं बसें
नए कानून के विरोध में रोडवेज की अनुबंधित और निजी बसों के चालकों ने हड़ताल की। इसके कारण सुबह बस स्टेशनों से कुल 63 बसें रूट के लिए रवाना की गईं। ऐसे में 80 फीसदी बसों का संचालन ठप रहा। -आरके त्रिपाठी, क्षेत्रीय प्रबंधक, लखनऊ परिक्षेत्र

रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़
बसों के चक्का जाम होने से यात्रियों को लखनऊ से पूर्वांचल, सीतापुर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में आने-जाने में असुविधाओं का सामना करना पड़ा, जिसके कारण बस स्टेशन की भीड़ रेलवे स्टेशन पहुंची। इससे वहां खासी भीड़ हो गई। यात्रियों ने बगैर रिजर्वेशन, बगैर टिकट ट्रेनों में सफर किया।

वार्ता के लिए चिट्ठी जारी
प्रदेशभर में ऑटो-टेंपो, पेट्रोल-डीजल टैंकर और ट्रांसर्पोट से जुड़े ड्राइवरों के अतिरिक्त रोडवेज बसों ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल रहे। इससे प्रदेश भर में वाहनों के चक्का जाम से हड़कंप जैसी स्थिति बनी रही। इस दौरान लोगों की परेशानी और ट्रैफिक जाम की स्थित को देखते हुए परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह ने प्रदेशभर के मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को चालक यूनियनों से वार्ता कर हड़ताल वापस लेने के संबंध में तत्काल वार्ता करने के लिए निर्देश दिया। परिवहन आयुक्त चंद भूषण सिंह ने नये सड़क दुर्घटना कानून को स्पष्ट करते हुए कहा कि अभी कानून के प्राविधान लागू नहीं है। इसका स्वरूप अभी आम जनता के सामने परिभाषित किया जाएगा। ऐसे में नए कानून का विरोध जायज नहीं है।

 

सीतापुर में लाठीचार्ज, 50 चालकों पर केस दर्ज

कुंवरगड्डी (सीतापुर)। सिधौली कस्बे में ट्रक चालकों ने हाइवे पर ही ट्रकों का चक्का जाम कर दिया। इससे करीब छह किलोमीटर से भी अधिक का जाम लग गया। मौके पर जब पुलिस पहुंची तो उन्होंने पथराव किया, जिसमें एक पत्थर सिपाही को भी लगा। इंस्पेक्टर अरविंद सिंह ने बताया कि सिपाही को मामूली चोट आई है। 50 लोगों पर उपद्रव करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं रायबरेली में दो नियमित समेत 22 चालकों को नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed