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Lucknow News: राजधानी में खुले ही रह गए नाले, ढकने का काम बंद
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राजधानी के विभिन्न इलाकों में खुले नाले।
- फोटो : संवाद
लखनऊ। खुले नाले में गिरने से डेढ़ महीने के दौरान तीन हादसे हो चुके हैं। ठाकुरगंज में एक व्यक्ति की जान भी जा चुकी है। इस हादसे के बाद शहर के खुले नालों को ढकने का काम शुरू हुआ, लेकिन अब ये काम बंद नजर आ रहा है। इसकी वजह है बजट का टोटा। नाले ढकवाने के लिए नगर निगम को करीब 20 करोड़ रुपये की जरूरत है।
खुले नाले से हादसे की सबसे ताजा घटना बीते शुक्रवार की है। स्वतंत्रता दिवस पर भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव की ओर तिरंगा यात्रा आयोजित थी। इसमें शामिल एक व्यक्ति गोमतीनगर के हैनीमैन चौराहे के पास करीब आठ फीट गहरे नाले में गिर गया था। इस घटना के बाद अमर उजाला टीम ने कई इलाकों का दौरा किया तो नाले पहले की तरह खुले मिले।
अलीगंज में बेलीगारद के निकट बाल निकुंज स्कूल के पास, गोमतीनगर विस्तार में वर्धमान खंड और हुसड़िया चौराहे के पास, राजभवन के सामने मेन रोड पर कई जगह नाले खुले हैं। अलीगंज सेक्टर-के में मेन रोड पर केंद्रीय भवन के आगे भी नाले खुले हैं।
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सबके पास कोटा...फिर भी बजट का टोटा
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सभी नालों को पूरी तरह से ढकने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये चाहिए होंगे जो अभी नहीं हैं। इसके लिए अवस्थापना निधि या 15वां वित्त मद से बजट की मांग की जा रही है। जरूरत के आधार पर नालों को ढकने का काम किया जा रहा है। नगर निगम के कुछ अधिकारी ये भी कहते हैं कि निगम के बजट में महापौर से लेकर पार्षदों तक कोटे की व्यवस्था की गई है। पार्षद चाहें तो अपने-अपने इलाके में खुद के कोटे से नाले ढकवा सकते हैं, लेकिन उन्हें इसमें अपना फायदा नजर नहीं आता।
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खुले नाले से हुए हादसे
- 12 जुलाई : बारिश में जलभराव के दौरान ठाकुरगंज में नाले का ढक्कन खुला होने से एक युवक की बहने से मौत हो गई थी।
- 02 अगस्त : रकाबगंज में एक बच्चा साइकिल समेत खुले नाले में गिर गया था, जिसे लोगों ने किसी तरह से बचा लिया।
- 15 अगस्त : गोमतीनगर में हैनीमैन चौराहे के बाद तिरंगा यात्रा के दौरान नाले का स्लैब टूटा, अंदर गिरने से युवक घायल।
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कई नालों को सीमेंट के स्लैब से ढकवाया गया है। अब तक करीब तीन करोड़ रुपये नगर निगम निधि से खर्च किए गए हैं। जहां खतरा ज्यादा है उनको प्राथमिकता के आधार पर ढका जा रहा है। जो नाले काफी बड़े और चौड़े हैं, उनको अभी नहीं ढका जा सका है। इनके लिए बजट की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही सभी नालों को ढकवाया जाएगा।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त
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खुले नाले से हादसे की सबसे ताजा घटना बीते शुक्रवार की है। स्वतंत्रता दिवस पर भाजपा विधायक ओपी श्रीवास्तव की ओर तिरंगा यात्रा आयोजित थी। इसमें शामिल एक व्यक्ति गोमतीनगर के हैनीमैन चौराहे के पास करीब आठ फीट गहरे नाले में गिर गया था। इस घटना के बाद अमर उजाला टीम ने कई इलाकों का दौरा किया तो नाले पहले की तरह खुले मिले।
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अलीगंज में बेलीगारद के निकट बाल निकुंज स्कूल के पास, गोमतीनगर विस्तार में वर्धमान खंड और हुसड़िया चौराहे के पास, राजभवन के सामने मेन रोड पर कई जगह नाले खुले हैं। अलीगंज सेक्टर-के में मेन रोड पर केंद्रीय भवन के आगे भी नाले खुले हैं।
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सबके पास कोटा...फिर भी बजट का टोटा
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सभी नालों को पूरी तरह से ढकने के लिए करीब 20 करोड़ रुपये चाहिए होंगे जो अभी नहीं हैं। इसके लिए अवस्थापना निधि या 15वां वित्त मद से बजट की मांग की जा रही है। जरूरत के आधार पर नालों को ढकने का काम किया जा रहा है। नगर निगम के कुछ अधिकारी ये भी कहते हैं कि निगम के बजट में महापौर से लेकर पार्षदों तक कोटे की व्यवस्था की गई है। पार्षद चाहें तो अपने-अपने इलाके में खुद के कोटे से नाले ढकवा सकते हैं, लेकिन उन्हें इसमें अपना फायदा नजर नहीं आता।
खुले नाले से हुए हादसे
- 12 जुलाई : बारिश में जलभराव के दौरान ठाकुरगंज में नाले का ढक्कन खुला होने से एक युवक की बहने से मौत हो गई थी।
- 02 अगस्त : रकाबगंज में एक बच्चा साइकिल समेत खुले नाले में गिर गया था, जिसे लोगों ने किसी तरह से बचा लिया।
- 15 अगस्त : गोमतीनगर में हैनीमैन चौराहे के बाद तिरंगा यात्रा के दौरान नाले का स्लैब टूटा, अंदर गिरने से युवक घायल।
कई नालों को सीमेंट के स्लैब से ढकवाया गया है। अब तक करीब तीन करोड़ रुपये नगर निगम निधि से खर्च किए गए हैं। जहां खतरा ज्यादा है उनको प्राथमिकता के आधार पर ढका जा रहा है। जो नाले काफी बड़े और चौड़े हैं, उनको अभी नहीं ढका जा सका है। इनके लिए बजट की मांग की गई है। धनराशि मिलते ही सभी नालों को ढकवाया जाएगा।
- गौरव कुमार, नगर आयुक्त

राजधानी के विभिन्न इलाकों में खुले नाले। - फोटो : संवाद

राजधानी के विभिन्न इलाकों में खुले नाले। - फोटो : संवाद