इलाज मांगा तो थमा दी डिस्चार्ज स्लिप
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सिविल अस्पताल में एक बार फिर सामने आई डॉक्टर की संवेदनहीनता। इस बार
पार्क रोड सिविल अस्पताल में
रायबरेली भोजपुर के रहने वाले राम खिलावन (30) को बाएं पैर के घुटने में
सूजन और घाव के बाद बुधवार, 19 फरवरी को हड्डी वार्ड के बेड नंबर 18 पर
भर्ती कराया गया था।
आर्थोसर्जन डॉ. राजेश ओझा ने मरीज को भर्ती कर लिया।
शनिवार को घुटने में दर्द शुरू हो गया और घुटना सूज गया।
मरीज के भाई
प्रेमशंकर ने वार्ड सिस्टर से शिकायत की तो जवाब मिला कि रविवार को छुट्टी
है सोमवार को ओपीडी में दिखा ले लेना।
रामखिलावन ने दर्द से तड़पते हुए दो
दिन जैसे-तैसे काटा। सोमवार को वो ओपीडी पहुंचे तो डॉक्टर ने मरीज को वार्ड
में देखने की बात कही।
मंगलवार 25 फरवरी को जब डॉक्टर राजेश ओझा वार्ड
में पहुंचे तो उन्होंने मरीज को कहा कि तुम्हारे जख्म की सर्जरी करनी होगी
जो तुम्हारे बस की बात नहीं है।
इसके बाद मरीज को डिस्चार्ज स्लिप तैयार कर
वार्ड से भगा दिया। दूसरे डॉक्टर से दिखाने के लिए खुले में रात काटी।
मंगलवार को दूसरे डॉक्टर से ओपीडी में दिखाया तो उन्होंने भी देखने से मना
कर दिया।