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UP News: 'अखिलेश यादव ने सबसे ज्यादा दलितों को नुकसान पहुंचाया, योजनाओं से डॉ. आंबेडकर का नाम हटाया'
Thu, 09 Jan 2025 02:59 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Thu, 09 Jan 2025 02:59 PM IST
सार
विधान परिषद सदस्य और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि सपा सरकार के दौरान योजनाओं के नाम से डॉ. आंबेडकर का नाम हटा दिया गया था। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव ने सबसे ज्यादा दलितों का नुकसान किया।
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अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
यूपी के विधान परिषद सदस्य और उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि मौजूदा समय में सियासी दल डॉ आंबेडकर के नाम पर दलितों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सबसे ज्यादा दलितों का नुकसान सपा सरकार में किया गया। अखिलेश यादव ने स्मारकों और योजनाओं से बाबा साहब का नाम हटाने का काम किया है। वो बृहस्पतिवार को वीवीआईपी अतिथि गृह में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
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उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के दृष्टिकोण में बड़ा अंतर है। जहां अखिलेश यादव ने अपने शासनकाल में डॉ. आंबेडकर के नाम को योजनाओं और स्थलों से हटाने का कार्य किया, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबासाहब को घर-घर पहुंचाने और उनके विचारों को जन-जन तक प्रचारित करने का कार्य किया।
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डॉ. निर्मल ने अखिलेश यादव को डॉ. आंबेडकर विरोधी बताते हुए कहा कि उनके शासनकाल में बाबा साहब के नाम को योजनाओं और संस्थानों से हटाना प्राथमिक कार्यों में शामिल रहा। उन्होंने बताया कि आंबेडकर ग्राम विकास योजना से “डॉ. आंबेडकर” का नाम हटाया गया। लखनऊ के डॉ. आंबेडकर हरित उद्यान का नाम बदलकर जनेश्वर मिश्र पार्क कर दिया गया।
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रामपुर के डॉ. आंबेडकर तारामंडल से बाबा साहब का नाम हटाया गया। इसके अलावा डॉ. आंबेडकर मेडिकल कॉलेज, कन्नौज का नाम बदल दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा, लखनऊ से बाबा साहब का नाम हटाकर उसे आलमबाग बस अड्डा कर दिया गया। वहीं, भीमनगर (संभल) का नाम विलोपित किया गया। रमाबाई आंबेडकर नगर (कानपुर देहात) से रमाबाई का नाम हटाकर इसे सामान्य नाम दे दिया गया। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने डॉ. आंबेडकर को घर-घर पहुंचाया।
डॉ. निर्मल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब को सम्मान देने और उनके विचारों को प्रचारित करने का कार्य प्राथमिकता से किया। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2017 में योगी सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में डॉ. आंबेडकर की तस्वीर लगाना अनिवार्य किया।कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर मेडिकल कॉलेज कर दिया गया।
लखनऊ के ऐशबाग में भारत रत्न डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें एक भव्य प्रेक्षागृह, पुस्तकालय, अतिथि गृह, और शोध केंद्र शामिल हैं। इसी स्मारक में डॉ. आंबेडकर की 25 फीट ऊंची भव्य कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है।
डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव ने जहां बाबा साहब के नाम को मिटाने का काम किया, वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा साहब को घर-घर तक पहुंचाने और उन्हें सम्मानित करने का कार्य किया। योगी आदित्यनाथ आज के दलित मित्र हैं, जिन्होंने डॉ. आंबेडकर के विचारों को पुनः स्थापित किया।