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डा कृष्णा सिन्हा का निधन
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24जीडीएपी19-गोंडा में कृष्णा सिन्हा(फाइल फोटो)
- फोटो : GONDA
गोंडा। नारी ज्ञानस्थली महिला महाविद्यालय की संस्थापक डॉ. कृष्णा सिन्हा का आज लखनऊ में निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थीं तथा लखनऊ के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती थीं। महिला शिक्षा के प्रति अलख जगाने वालीं डॉ. कृष्णा सिन्हा ने वर्ष 1980 में सरस्वती देवी नारी ज्ञान स्थली महिला महाविद्यालय की नींव रखी थी। वह जिले में महिला शिक्षा के प्रति बेटियों का संबल थीं।
पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि डॉ. कृष्णा को पिछले दिनों कुछ तकलीफ होने के बाद राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार होने के बाद उन्हें गोमती नगर स्थित एक अन्य अस्पताल में दाखिल किया गया। बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. सिन्हा का शव लखनऊ से गोंडा लाया जा रहा है। यहां नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
इसके बाद उनके मूल निवासी वजीरगंज के नौबस्ता गांव में ले जाने का कार्यक्रम है। वह नौबस्ता की ग्राम प्रधान भी थीं। डॉ. सिन्हा अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनका बेटा दीपेंद्र सिन्हा अमेरिका में रहता है। डॉ. सिन्हा के निधन की खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। अनेक बुद्धिजीवियों, गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, शिक्षाविदों आदि ने उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। डॉ. सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में साहित्यकार डॉ. सूर्यपाल सिंह, डॉ. छोटेलाल दीक्षित, पूर्व विधायक तुलसीदास राय चंदानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष कमरुद्दीन एडवोकेट, प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत, डॉ. ओंकार पाठक, डॉ. मिथिलेश मिश्र, डॉ. शेर बहादुर सिंह आदि शामिल रहे।
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पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि डॉ. कृष्णा को पिछले दिनों कुछ तकलीफ होने के बाद राजधानी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्थिति में सुधार होने के बाद उन्हें गोमती नगर स्थित एक अन्य अस्पताल में दाखिल किया गया। बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. सिन्हा का शव लखनऊ से गोंडा लाया जा रहा है। यहां नारी ज्ञानस्थली महाविद्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
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इसके बाद उनके मूल निवासी वजीरगंज के नौबस्ता गांव में ले जाने का कार्यक्रम है। वह नौबस्ता की ग्राम प्रधान भी थीं। डॉ. सिन्हा अपने पीछे एक पुत्र व दो पुत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनका बेटा दीपेंद्र सिन्हा अमेरिका में रहता है। डॉ. सिन्हा के निधन की खबर मिलते ही जिले में शोक की लहर दौड़ गई। अनेक बुद्धिजीवियों, गणमान्य नागरिकों, व्यापारियों, शिक्षाविदों आदि ने उनके निधन को शिक्षा जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। डॉ. सिन्हा के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में साहित्यकार डॉ. सूर्यपाल सिंह, डॉ. छोटेलाल दीक्षित, पूर्व विधायक तुलसीदास राय चंदानी, पूर्व पालिकाध्यक्ष कमरुद्दीन एडवोकेट, प्राचार्य डॉ. वंदना सारस्वत, डॉ. ओंकार पाठक, डॉ. मिथिलेश मिश्र, डॉ. शेर बहादुर सिंह आदि शामिल रहे।
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