बहराइच: गोरखपुर मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त डॉ. कफील पहुंचे मरीजों को देखने, हिरासत में लिए गए
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त चिकित्सक डॉ. कफील शनिवार को अचानक जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड पहुंच गए। बिना अनुमति वार्ड में भर्ती मासूम रोगियों का परीक्षण करने लगे। इसकी भनक अस्पताल प्रशासन को लगी तो हड़कंप मच गया। आननफानन में पुलिस बल के साथ पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट ने डॉ. कफील को हिरासत में लिया। उन्हें चिलवरिया चीनी मिल के गेस्ट हाउस में रखा गया है। लगभग एक घंटे तक अफरातफरी की स्थिति रही।
जिला अस्पताल में बीते दो माह में सवा सौ से अधिक मासूमों की मौत हुई है। फखरपुर और चित्तौरा में दो परिवारों के सगे भाइयों ने दम तोड़ा है। इसी को लेकर शनिवार दोपहर बाद गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से बर्खास्त चिकित्सक डॉ. कफील बहराइच जिला अस्पताल पहुंच गए।
उन्होंने बिना अधिकारियों के अनुमति के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती मरीजों का परीक्षण शुरू कर दिया। इसकी भनक चिकित्साधिकारियों को लगी तो सभी सकते में आ गए। आननफानन में बाल रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केके वर्मा वार्ड में पहुंचे। उन्होंने डॉ. कफील से बच्चों के परीक्षण का अनुमति पत्र मांगा, जिसे वे नहीं दिखा सके। इस पर डॉ. वर्मा उन्हें सीएमएस के कक्ष में लेकर गए।
सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी दी। सिटी मजिस्ट्रेट प्रदीप यादव कोतवाली नगर पुलिस के साथ अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने डॉ. कफील को हिरासत में ले लिया। डॉ. कफील को चिलवरिया गेस्ट हाउस में नजरबंद किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
‘जबरन किया गया नजरबंद’
डॉ. कफील के बड़े भाई डॉ. अदील ने घटना के आधे घंटे बाद पत्रकारों से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि डॉ. कफील सरकार की मदद के लिए बहराइच जिला अस्पताल गए थे। कई दिनों से बच्चों के मौत की खबरें प्रकाश में आ रही थी। डॉ. कफील ने कहा था कि ये इंसेफ्लाइटिस के लक्षण हैं, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें नजरबंद कर दिया है।