श्रमिक, युवा व खेती पर संकट के लिए डबल इंजन सरकार जिम्मेदार : अखिलेश यादव
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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि कोरोना महामारी की आड़ में अन्य गंभीर समस्याओं की अनदेखी नहीं की जा सकती है। जहां एक तरफ विस्थापित श्रमिकों और बेरोजगार नौजवानों के सामने भविष्य की चिंता है, वहीं किसानों की बदहाली ने खेती के सामने संकट पैदा कर दिया है। इन संकटों के लिए भाजपा की डबल इंजन सरकार जिम्मेदार है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संकट और लॉकडाउन की मार सर्वाधिक किसानों पर पड़ी है। टीम इलेवन और मंत्रिमंडल की बैठकों में किसानों को वास्तविक राहत देने के उपायों पर विचार की जगह हवाई रोजगार पैदा करने पर ही जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री किसानों की समस्याओं पर गौर करना नहीं चाहते हैं। कारण साफ है, भाजपा का किसान हितों से कभी कोई लेना-देना नहीं रहा है। सपा ने किसानों की दिक्कतों को कई बार उठाया लेकिन भाजपा सरकार तो अपने कानों पर हाथ धरे बैठी है। भाजपा ने नीति निर्माण में कृषि को उपेक्षित रखा है। कोरोना महामारी के दौर में हुए व्यापक पलायन के शिकार लोगों को रोटी-रोजी की गांवों में ही उपलब्धता है।
चौपट हुआ दूध, मछली, आम व फल-फूल का व्यवसाय
अखिलेश ने कहा कि विडंबना है कि लॉकडाउन उस समय हुआ जब रबी की फसल तैयार थी। बेमौसम बरसात ने किसानों को तबाह किया, लेकिन बाजार बंदी से उसकी फल-सब्जियों की मांग ही नहीं रही। दूध, मछली, आम और फल-फूल का व्यवसाय चौपट हो गया। किसानों ने मजबूरी में खेतों से कई फसलें उजाड़ दीं। सरकारी दावों के बावजूद गेहूं खरीद केंद्रों का कोई अता-पता नहीं चला। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य 1925 रुपये क्विंटल भी नसीब नहीं हुआ।
तबादले पुलिस के मनोबल को गिराने वाला काम
इसके पहले अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि कोरोनाकाल में प्रशासनिक स्थायित्व की आवश्यकता सामान्यकाल से अधिक है। ऐसे में एडीजी व आईजी स्तर के 10 उच्चाधिकारियों का तबादला पुलिस के मनोबल को गिराने का काम है।
सरकार अपनी नीतिगत असफलता व केंद्र-राज्य के बीच समन्वय की कमी से बिगड़ी कानून-व्यवस्था का आरोप अधिकारियों पर लगा रही है।
कोरोनाकाल में प्रशासनिक स्थायित्व की आवश्यकता सामान्यकाल से अधिक है, ऐसे में ADG व IG स्तर के 10 उच्चाधिकारियों का तबादला पुलिस के मनोबल को गिराने का काम है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 27, 2020
सरकार अपनी नीतिगत असफलता व केंद्र-राज्य के बीच समन्वय की कमी से बिगड़ी क़ानून-व्यवस्था का आरोप अधिकारियों पर लगा रही है.