अंडरवर्ल्ड डॉन मुन्ना बजरंगी भी करेगा राजनीति, किया ऐलान
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बाहुबली मुख्तार अंसारी और माफिया सरगना बृजेश सिंह के बाद झांसी जेल में बंद अंडरवर्ल्ड डॉन मुन्ना बजरंगी की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं भी जाग उठी हैं।
शुक्रवार को अपने साले पुष्पजीत सिंह की तेरहवीं में शामिल होने राजधानी आए मुन्ना का यही अंदाज नजर आया। काली पैंट और गुलाबी रंग की टी-शर्ट में मुन्ना ने किसी से पर्दा नहीं रखा, जबकि पुष्पजीत की दसवीं पर उसने अपने खास लोगों से बंद कमरे में गुफ्तगू की थी।
उसने शुक्रवार को पूर्वांचल से आए अपने एक गुरु और साथियों से चर्चा की। गुर्गों के साथ बैठकर खाना खाया।
इस दौरान ठेठ पुरबिया अंदाज में पत्नी को चुनाव जिताने के लिए तैयारियों में जुटने के निर्देश भी देता रहा। वह जब तक ससुराल में रहा, उसके राजनीतिक सलाहकार घेरे रहे।
‘भइय्याजी, जऊन सामने आवा निपटाए देंगे ससुरा के’
‘का रे जगनुआ, भऊजी के जिताए जाइब के ना’ मुन्ना ने पास में खडे़ युवक के कंधे पर हाथ रखकर यह सवाल किया तो उसने लपककर पैर छू लिए।
बोला, ‘भइय्याजी, जऊन सामने आवा निपटाए देंगे ससुरा के।’ उसकी इस बात पर बरामदे में सभी लोगों की हंसी छूट पड़ी। मुन्ना ने कुछ इसी अंदाज में सबसे बातचीत की। किसी से कहा, ‘तुमका फुल डूटी करे का है’ तो किसी को ‘भऊजी के नियरे रहियो और आसपास नजर रखियो’ की ताकीद दी।
हालांकि, बाहुबली नेताओं की तरह खुद राजनीति के मैदान में आने के बजाय मुन्ना ने अपनी पत्नी के जरिये माननीय बनने की रास्ता चुना है। उसने कहा कि अभी चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है। जुलाई-अगस्त में जेल से बाहर आने के बाद आगे की सोचूंगा।
अगर टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय ही लड़वाएगा
पत्रकारों ने मुन्ना से पत्नी का बसपा से टिकट फाइनल होने के बारे में पूछा तो उसने इन्कार कर दिया। कहा, कई राजनीतिक दलों से बात चल रही है। अभी किसी ने टिकट फाइनल नहीं किया है। अगर कोई पार्टी टिकट नहीं देगी तो वह पत्नी को निर्दलीय ही चुनाव लड़वाएगा।
अंडरवर्ल्ड डॉन की पत्नी पूर्वांचल के एक बाहुबली के क्षेत्र से ही ताल ठोंक रही है, इसलिए यह चुनावी जंग काफी तनावपूर्ण होने वाली है। पर, बाहुबली से तनातनी की आशंका लेकर मुन्ना बजरंगी बहुत ज्यादा फिक्रमंद नहीं दिखा। उसने कहा कि चुनाव में कोई समस्या नहीं आएगी।
पुष्पजीत की हत्या और अंडरवर्ल्ड के बदलते समीकरण के बारे में पूछने पर मुन्ना ने कोई जानकारी होने से इन्कार कर दिया। अपने प्रतिद्वंदी व पुष्पजीत की हत्या में नामजद पूर्व विधायक स्व. कृष्णानंद राय का नाम लिए बगैर उसने कहा कि हत्यारों ने मौके पर ही कुछ लोगों के नाम लिए थे, इसलिए उनके खिलाफ एफआईआर लिखाई गई है। पुलिस जल्द आरोपियों तक पहुंच जाएगी।
अत्याधुनिक असलहों के साथ जम रहे गुर्गे
विकासनगर सेक्टर- 3 के जिस मोहल्ले में पुष्पजीत का मकान है, वहां मुन्ना बजरंगी के आने से दिन भर सरगर्मी रही। मेन रोड से पुष्पजीत के घर जाने वाली गली और उसके आगे की दो गलियां में मुन्ना के गुर्गों ने सुरक्षा घेरा बना रखा था।
इतना ही नहीं, घर के बाहर और छत पर उसके गुर्गे अत्याधुनिक रायफल, रिपीटर और पिस्टलें लेकर जमा रहे। तो मुन्ना से मिलने आए माननीयों के साथ भी असलहाधारियों की फौज थी।
घर में मेन गेट पर छह युवक सभी आने वाले लोगों की तलाशी लेने के बाद ही आगे बढ़ने दे रहे थे। वहीं घर के बरामदे में भी पुलिसकर्मी बैठे रहे।
एसयूवी व लग्जरी कारों से जाम हो गई गली
मुन्ना से मिलने के लिए आए लोगों को वाहन खड़े करने की जगह नहीं मिली। एसयूवी और लग्जरी कारें घर से लेकर करीब 200 मीटर तक खड़ी थी, जिससे वहां जाम की स्थिति बन गई। कई कारें महाराष्ट्र और दिल्ली के नंबरों की थीं।
किसी में सपा तो किसी में भाजपा का झंडा लगा था। आसपास की मार्केट और दुकानों में भी मुन्ना के गुर्गे खड़े होकर चाय-सिगरेट का मजा लेते रहे।
एसटीएफ ने बंद कमरे में मुन्ना से की पूछताछ
एसटीएफ की टीम दोपहर साढ़े बारह बजे विकासनगर पहुंची और मुन्ना से बंद कमरे में आधा घंटा तक पूछताछ की। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि मुन्ना से पुष्पजीत व उसके प्रवक्ता की हत्या के बारे में जानकारी ली गई।
जैसे पुष्पजीत कब से उसका काम देख रहा था। वह कब-कब उससे मिलने जेल गया। मुन्ना का वर्चस्व खत्म करने के लिए तो उसे नहीं मारा गया।
पुष्पजीत की हत्या कहीं मकोका में मुन्ना को बरी कराने या मुकदमों की पैरवी करने को लेकर तो नहीं हुई? पर, मुन्ना ने एक भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दिया। मुन्ना से माफिया गिरोहों से उसके समीकरण के बारे में जानकारी मांगी गई, लेकिन उसने एटीएफ को बरगला दिया।
खौफ से घरों में कैद हुए मोहल्ले के लोग
मुन्ना बजरंगी जैसे ही विकासनगर पहुंचा, मोहल्ले के लोग अपने घरों में कैद हो गए। यही नहीं, लोगों में इतना खौफ था कि उन्होंने घरों की खिड़कियां तक नहीं खोलीं। कुछ लोगों ने घरों के गेट पर बाहर से ताला लगा दिया और अंदर दुबके रहे।
उधर, मुन्ना के पैर छूने वालों का तांता लगा रहा। दोपहर एक बजे एसटीएफ की टीम के साथ मुन्ना बजरंगी नीचे उतरा तो बरामदे में ही उसने दरबार सजा लिया। यहां उसके गुर्गों में पैर छूने की होड़ लगी रही।
मुन्ना के साथ सेल्फी लेने से रोका
घर के गेट पर खडे़ युवकों ने मुन्ना का पैर छूते हुए मोबाइल फोन निकालकर सेल्फी लेने की कोशिश की। इसे मुन्ना ने तो नजरअंदाज कर दिया, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने युवकों को सख्ती से रोक दिया।