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ये है केजीएमयू का हाल, मरीज के परिवार ने जनता दरबार में लगाई गुहार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 16 Jul 2018 04:22 PM IST
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मरीज सलमान
- फोटो : amarujala
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सड़क हादसे में 19 साल के सलमान के हाथ-पैर टूट गए। सरकारी संस्थान में सिर्फ पैर की सर्जरी हुई, हाथ की सर्जरी के लिए एक साल बाद की डेट दी। घायल गरीब है, लिहाजा निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा पाया। दर्द से कराह रहा युवक ट्रॉमा के 15 चक्कर लगा चुका है। अब सीएम दरबार पहुंचा है, लेकिन छह दिन बाद भी कोई मदद नहीं मिली। पैसा होता तो नहीं झेलता दर्द। पढ़िए पूरी कहानी..
सीएम साहब! मेरा बेटा सलमान हादसे में जख्मी हो गया था। उसके हाथ व पैर में फैक्चर हुआ था। गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मरीज के पैर का तो ऑपरेशन कर दिया। हाथ के ऑपरेशन के लिए एक साल बाद की डेट दे दी। इम्प्लांट डालने के नाम पर रकम ले ली गई। पीड़ित परिवार सीएम के जनता दरबार में पहुंचकर गुहार लगा रहे हैं।
न्यू हैदरगंज निवासी सलमान (19) पीओपी का काम करता है। बीते 17 मार्च को बुद्धेश्वर ओवरब्रिज पर सलमान बाइक से दो दोस्तों के साथ लौट रहा था। बेकाबू वाहन ने बाइक में ठोकर मार दी। इससे उसके दोनों दोस्तों की मौके पर मौत हो गई। गंभीर अवस्था में सलमान को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हड्डी रोग विभाग में जांच में बाएं हाथ व पैर में फ्रैक्चर का पता चला।
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सीने में गंभीर चोट थी। डॉक्टर ने पैर का ऑपरेशन कर दिया। मामा सिकंदर अली ने बताया कि सलमान के हाथ में भीषण दर्द हो रहा है। भर्ती के दौरान ही डॉक्टरों से मरीज का ऑपरेशन करने की गुहार लगाई मगर सुनवाई नहीं हुई। डिसचार्ज के वक्त डॉक्टर ने मरीज को चार फ रवरी 2019 में हाथ का ऑपरेशन की डेट दे दी। साल भर बाद ऑपरेशन की तारीख सुनकर गरीब परिवारीजनों के होश उड़ गए। निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पैसे न होने के चलते गरीब मरीज ऑपरेशन की डेट का इंतजार कर रहा है।
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सीएम साहब! मेरा बेटा सलमान हादसे में जख्मी हो गया था। उसके हाथ व पैर में फैक्चर हुआ था। गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर लाया गया। यहां डॉक्टरों ने मरीज के पैर का तो ऑपरेशन कर दिया। हाथ के ऑपरेशन के लिए एक साल बाद की डेट दे दी। इम्प्लांट डालने के नाम पर रकम ले ली गई। पीड़ित परिवार सीएम के जनता दरबार में पहुंचकर गुहार लगा रहे हैं।
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न्यू हैदरगंज निवासी सलमान (19) पीओपी का काम करता है। बीते 17 मार्च को बुद्धेश्वर ओवरब्रिज पर सलमान बाइक से दो दोस्तों के साथ लौट रहा था। बेकाबू वाहन ने बाइक में ठोकर मार दी। इससे उसके दोनों दोस्तों की मौके पर मौत हो गई। गंभीर अवस्था में सलमान को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। हड्डी रोग विभाग में जांच में बाएं हाथ व पैर में फ्रैक्चर का पता चला।
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सीने में गंभीर चोट थी। डॉक्टर ने पैर का ऑपरेशन कर दिया। मामा सिकंदर अली ने बताया कि सलमान के हाथ में भीषण दर्द हो रहा है। भर्ती के दौरान ही डॉक्टरों से मरीज का ऑपरेशन करने की गुहार लगाई मगर सुनवाई नहीं हुई। डिसचार्ज के वक्त डॉक्टर ने मरीज को चार फ रवरी 2019 में हाथ का ऑपरेशन की डेट दे दी। साल भर बाद ऑपरेशन की तारीख सुनकर गरीब परिवारीजनों के होश उड़ गए। निजी अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पैसे न होने के चलते गरीब मरीज ऑपरेशन की डेट का इंतजार कर रहा है।
दिया प्रार्थनापत्र
सीएम को चिट्ठी लिख मांगी मदद
- फोटो : amarujala
मामा सिकंदर ने बताया कि सलमान बिस्तर पर दर्द से कराह रहा है। गरीबी की वजह से परिवारीजन उसका ऑपरेशन किसी निजी अस्पताल में नहीं करा पा रहे हैं। हादसे बाद कामकाज भी छूट गया। सिकंदर ने बताया केजीएमयू के हड्डी रोग विभाग में 15 से अधिक बार गए। घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर से मिलने के मौका मिला। डॉक्टरों ने सुना ही नहीं।
केजीएमयू के डॉक्टरों के आगे गिड़गिड़ाते थक हारकर पिता मुस्ताख हुसैन ने 9 जुलाई 2018 को सीएम के जनता दरबार में पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। वहां आर्थिक मदद व ऑपरेशन जल्द कराने की बात कही। अफसरों ने मुस्ताख का प्रार्थना पत्र लेकर उसे दबा दिया। ऐसे में पीड़ित परिवार अभी भी अफसरों की चौखटों पर चक्कर लगा रहा है।
केजीएमयू के डॉक्टरों के आगे गिड़गिड़ाते थक हारकर पिता मुस्ताख हुसैन ने 9 जुलाई 2018 को सीएम के जनता दरबार में पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया। वहां आर्थिक मदद व ऑपरेशन जल्द कराने की बात कही। अफसरों ने मुस्ताख का प्रार्थना पत्र लेकर उसे दबा दिया। ऐसे में पीड़ित परिवार अभी भी अफसरों की चौखटों पर चक्कर लगा रहा है।