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मरीज की मौत से झल्लाए डॉक्टर ने ऐसे उतारा तीमारदारों पर गुस्सा

Fri, 29 May 2015 01:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सुल्तानपुर Updated Fri, 29 May 2015 01:52 PM IST
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doctor beats up patient in sultanpur hospital

सुल्तानपुर जिला अस्पताल में भर्ती दो महिलाओं की मौत से झल्लाए तीमारदारों की शिकायत से भड़के चिकित्सक और वार्ड बॉय ने मारपीट शुरू कर दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने जिला अस्पताल में भर्ती हार्ट के मरीज से भी मारपीट की।

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हंगामा व मारपीट की सूचना पर पुलिसकर्मी जिला अस्पताल पहुंचे और चिकित्सक, स्टाफ नर्स और तीमारदारों के साथ ही पिटाई से घायल मरीज का बयान लिया है।

जिला अस्पताल के महिला वार्ड में गुरुवार दोपहर बाद ज्ञानमती पत्नी शिव कुमार निवासी पांडेय का पुरवा अठैसी, जयसिंहपुर की मौत हो गई।

चंद मिनट बाद ही सुखराजी पत्नी रामराज निवासी भादर, पीपरपुर जिला अमेठी ने भी दम तोड़ दिया। इस पर दोनों महिलाओं के परिवारीजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।

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रुपये न देने पर की पिटाई

doctor beats up patient in sultanpur hospital

तीमारदारों का आरोप था कि महिलाओं की हालत लगातार बिगड़ रही थी। इसकी सूचना इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. अमित कुमार को दी गई। बावजूद इसके वे नहीं पहुंचे।

दोनों महिलाओं की मौत के बाद फर्ज अदायगी के लिए डॉ. अमित और वार्ड बॉय हरि प्रसाद कुछ लोगों के साथ महिला वार्ड में पहुंचे थे। लोगों ने इसका विरोध किया तो चिकित्सक और उनके साथ आए लोगों ने ज्ञानमती और सुखराजी के परिवारीजनों के साथ मारपीट की।

इतना ही नहीं जनरल वार्ड में भर्ती हरिशंकर सोनी निवासी पुरानी बाजार कोतवाली कादीपुर की चिकित्सक व वार्ड बॉय ने पिटाई कर दी।
 
हरिशंकर की मानें तो वार्ड बॉय ने वीगो बदलने के लिए 50 रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर चिकित्सक और वार्ड बॉय ने उसकी पिटाई कर दी। हरिशंकर दिल के मरीज हैं।

डॉक्टरों ने पिटाई से किया इंकार

doctor beats up patient in sultanpur hospital

इमरजेंसी में तैनात डॉ. अमित कुमार ने मरीज और तीमारदारों की पिटाई की घटना से इंकार किया है। उनका कहना है कि ज्ञानमती को पैरालाइसिस का अटैक था।

उसे वे देखने पहुंचे थे लेकिन उससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। दूसरी महिला को ब्लड की जरूरत थी। ब्लड नहीं मिलने की वजह से उसकी जान गई है।

सीएमएस डॉ. आरएस सरोज ने बताया कि ज्ञानमती की हालत खराब थी जबकि सुखराजी को ब्लड की जरूरत थी। चिकित्सक अपना प्रयास कर रहे थे लेकिन दोनों की मौत हो गई।

उन्होंने जनरल वार्ड में मरीज हरिशंकर की पिटाई की घटना से अनभिज्ञता जताई। कहा कि यदि मरीज से रुपये मांगे गए और न देने पर पीटा गया तो मामला गंभीर है। मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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