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Lucknow News: नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोपी डॉक्टर गिरफ्तार
Thu, 15 Oct 2026 02:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 15 Oct 2026 02:42 AM IST
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गुडंबा। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी और फर्जी नियुक्ति पत्र देने के आरोपी डॉक्टर सत्यरत्न दीक्षित को मड़ियांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे गुजरात से पकड़ा। आरोपी पर एलडीए, लोहिया संस्थान और पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर कई लोगों से रुपये ऐंठने का आरोप है। गोरखपुर के बड़हलगंज निवासी प्रखर पांडेय की तहरीर पर पुलिस ने उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
प्रखर के मुताबिक, जनवरी 2026 में एलडीए में उनकी मुलाकात प्रीतिनगर निवासी सत्यरत्न दीक्षित से हुई थी। आरोपी ने खुद को बलरामपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर बताते हुए बड़े अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा किया। उसने एलडीए में एरिया इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे। इस पर उन्होंने आरोपी को 12 जनवरी को यूपीआई से 50 हजार रुपये भेजे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में छह लाख रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
प्रखर का दावा है कि 15 मई को डाक से उन्हें एलडीए का नियुक्ति पत्र मिला, जिसमें एक जून को नियुक्ति की तारीख दी गई थी। एलडीए पहुंचने पर अधिकारियों ने पत्र फर्जी बताते हुए उन्हें लौटा दिया। इसकी शिकायत करने पर आरोपी ने नियुक्ति पत्र वापस ले लिया और दूसरा पत्र आने पर जॉइनिंग कराने का आश्वासन दिया।
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आरोप है कि बाद में चार जुलाई को शासन के सम्मान समारोह में नियुक्ति पत्र देने की बात कही गई। आरोपी ने यह भी कहा कि शिकायत के कारण उसे निलंबित कर दिया गया है, इसलिए फिलहाल जॉइनिंग नहीं हो सकेगी। इसके बाद वह टालमटोल करता रहा। प्रखर के मुताबिक, पांच अक्तूबर को आरोपी ने फोन कर रुपये मांगे तो उन्होंने 16 हजार रुपये और भेज दिए। उसी दिन जॉइनिंग कराने के बहाने उन्हें लखनऊ बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर आरोपी का मोबाइल बंद मिला।
कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप
प्रखर ने आरोप लगाया कि सत्यरत्न ने उनके भाई आदित्य राय और साली अनुपमा तिवारी से पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब आठ लाख रुपये लिए। इसके अलावा प्रवीण कुमार राय से एलडीए में नौकरी के लिए छह लाख, उनकी बहन अमृता राय से लोहिया संस्थान में शिक्षक पद पर नियुक्ति के नाम पर ढाई लाख और नर्सिंग स्टाफ संध्या राय से कानपुर में तबादला कराने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लेने का आरोप है। प्रखर ने फर्जी नियुक्ति पत्र समेत अन्य दस्तावेज की प्रतियां पुलिस को सौंपी हैं। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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प्रखर के मुताबिक, जनवरी 2026 में एलडीए में उनकी मुलाकात प्रीतिनगर निवासी सत्यरत्न दीक्षित से हुई थी। आरोपी ने खुद को बलरामपुर जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर बताते हुए बड़े अधिकारियों से जान-पहचान होने का दावा किया। उसने एलडीए में एरिया इंस्पेक्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये मांगे। इस पर उन्होंने आरोपी को 12 जनवरी को यूपीआई से 50 हजार रुपये भेजे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों में छह लाख रुपये आरोपी के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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प्रखर का दावा है कि 15 मई को डाक से उन्हें एलडीए का नियुक्ति पत्र मिला, जिसमें एक जून को नियुक्ति की तारीख दी गई थी। एलडीए पहुंचने पर अधिकारियों ने पत्र फर्जी बताते हुए उन्हें लौटा दिया। इसकी शिकायत करने पर आरोपी ने नियुक्ति पत्र वापस ले लिया और दूसरा पत्र आने पर जॉइनिंग कराने का आश्वासन दिया।
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आरोप है कि बाद में चार जुलाई को शासन के सम्मान समारोह में नियुक्ति पत्र देने की बात कही गई। आरोपी ने यह भी कहा कि शिकायत के कारण उसे निलंबित कर दिया गया है, इसलिए फिलहाल जॉइनिंग नहीं हो सकेगी। इसके बाद वह टालमटोल करता रहा। प्रखर के मुताबिक, पांच अक्तूबर को आरोपी ने फोन कर रुपये मांगे तो उन्होंने 16 हजार रुपये और भेज दिए। उसी दिन जॉइनिंग कराने के बहाने उन्हें लखनऊ बुलाया गया लेकिन वहां पहुंचने पर आरोपी का मोबाइल बंद मिला।
कई अन्य लोगों से भी ठगी का आरोप
प्रखर ने आरोप लगाया कि सत्यरत्न ने उनके भाई आदित्य राय और साली अनुपमा तिवारी से पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब आठ लाख रुपये लिए। इसके अलावा प्रवीण कुमार राय से एलडीए में नौकरी के लिए छह लाख, उनकी बहन अमृता राय से लोहिया संस्थान में शिक्षक पद पर नियुक्ति के नाम पर ढाई लाख और नर्सिंग स्टाफ संध्या राय से कानपुर में तबादला कराने के नाम पर 1.80 लाख रुपये लेने का आरोप है। प्रखर ने फर्जी नियुक्ति पत्र समेत अन्य दस्तावेज की प्रतियां पुलिस को सौंपी हैं। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।