फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Do not ignore symptoms like frequent urination and excessive thirst in children.

Lucknow News: बच्चों में बार-बार पेशाब आने, बहुत प्यास लगने के लक्षण को न करें अनदेखा

Mon, 19 Oct 2026 01:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 19 Oct 2026 01:54 AM IST
विज्ञापन
Do not ignore symptoms like frequent urination and excessive thirst in children.
प्रतीकात्मक।
लखनऊ। बच्चों में टाइप-1 डायबिटीज होने पर बार-बार पेशाब आने, बहुत प्यास लगने और तेजी से वजन घटने जैसे लक्षण दिख सकते हैं। इन्हें अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय पर पहचान और इंसुलिन से इलाज बेहद जरूरी है। ये जानकारी पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने दी।
विज्ञापन

रविवार को पीजीआई के टेलीमेडिसिन ऑडिटोरियम में आयोजित पीडियाट्रिक एंडो क्लीनिक्स में निदेशक डॉ. आरके धीमान ने कहा कि प्रदेश में बच्चों और किशोरों की आबादी लगभग 10 करोड़ है। ऐसे में विशेषज्ञ बाल चिकित्सा सेवाओं का विस्तार जरूरी है। पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी विभाग में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष क्लीनिक संचालित होता है। यहां बच्चों और उनके परिजनों को बीमारी संभालने, इंसुलिन के प्रयोग और नियमित देखभाल की जानकारी दी जाती है। संतुलित दिनचर्या, नियमित ब्लड शुगर जांच और डॉक्टर की सलाह से इलाज जारी रखना जरूरी है।
विज्ञापन

हार्मोन के बिगड़ने से बच्चों की सेहत पर खतरा
डॉ. आरके धीमान ने कहा कि बच्चों में हार्मोन के बिगड़ने पर उनकी सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। इससे थायरॉइड की बीमारी, मोटापा और टाइप-1 डायबिटीज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, हड्डियों और खनिजों से जुड़ी गड़बड़ी के कारण बच्चों की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। बार-बार फ्रैक्चर होने का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों की लंबाई का सही गति से नहीं बढ़ना और उम्र के मुताबिक शारीरिक विकास न होना भी हार्मोन संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे लक्षण दिखने पर बच्चों को विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों में हार्मोन संबंधी दूसरी समस्याओं में लंबाई का सही गति से न बढ़ना, समय से पहले या देर से यौवन आना, थायरॉइड की समस्या भी हो सकती है। पीजीआई में राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति के तहत ग्रोथ हार्मोन थेरेपी भी मुफ्त उपलब्ध कराई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed