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Diwali 2025: जानें दीपावली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी के पूजन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि सहित सब कुछ

Sun, 19 Oct 2025 09:10 AM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Sun, 19 Oct 2025 09:10 AM IST
सार

Diwali 2025: दीपावली पर प्रदोष काल में मां लक्ष्मी के पूजन का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? पूजा विधि व अन्य जानकारी। अलग-अलग पूजन के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहेगा? आगे पढ़ें और जानें सब कुछ...

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Diwali 2025: Know auspicious time and method of worshipping Goddess Lakshmi during Pradosh period on Diwali
दिवाली 2025 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दीपावली पर्व महालक्ष्मी पूजा का विशेष पर्व है। मान्यता है कि अर्ध रात्रि में महालक्ष्मी विचरण करती हैं और दीपक जलाने से प्रसन्न होती हैं। अमावस्या तिथि का प्रारंभ 20 अक्तूबर को दिन में 03:44 बजे से होगा। समापन 21 अक्तूबर को शाम 05:54 बजे होगा। इस दिन बन रहे शुभ संयोग के अनुसार, चंद्रमा कन्या राशि में हस्त नक्षत्र, शुक्र-चंद्र कन्या राशि में, गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में रहेंगे।

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ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि दीपावली के दिन प्रातः काल स्नान करके भगवान विष्णु के निमित्त दीपक प्रज्ज्वलित करें। दोपहर में पितरों के निर्मित यथाशक्ति दान दें और तर्पण करें। दीपावली शाम शुभ लग्न में गणेश, लक्ष्मी और कुबेर भगवान का पूजन करें। महानिशिथ काल में महाकाली का पूजन करनी चाहिए। 

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इन स्रोतों का पाठ धनदायक माना जाता है

महाकाली की पूजा से मनोकामनाओं की पूर्ति, शत्रु और मुकदमों में विजय प्राप्त होती है। दीपावली पर दक्षिणावर्तीं शंख, श्रीयंत्र, गोमती चक्र, हल्दी की गांठ, कौड़िया, लघु नारियल आदि को भी स्थापित करने से सुख, सौभाग्य व धन में वृद्धि होती है। लक्ष्मी कुबेर मंत्र, लक्ष्मी श्रीसूक्त, कनकधारा स्रोत का पाठ धनदायक माना गया है। 

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अमावस्या तिथि पर दिवाली पर लक्ष्मी पूजा, अमावस्या तिथि और प्रदोष काल के संयोग में ही करना चाहिए। लक्ष्मी पूजा प्रदोष, वृषभ लग्न और सिंह लग्न में करना श्रेष्ठ है और काली पूजा अमावस्या मध्य रात्रि में करना श्रेष्ठ माना गया है। दीपावली पर महालक्ष्मी पूजन प्रदोषकाल, स्थिर लग्न वृषभ व सिंह लग्न में श्रेष्ठ होता है।

अलग-अलग पूजन के लिए शुभ मुहूर्त

  • कुंभ लग्न- दोपहर 02:23 से 03:52 बजे (ऑफिस/व्यावसायिक स्थल में पूजा के लिए)
  • प्रदोषकाल- शाम 05:46 से 08:18 बजे तक दीपावली घर में पूजा के लिए
  • वृषभ लग्न- शाम 07:08 से 09:03 बजे तक
  • महानिशिथ काल- रात 1:26 से 12:16 बजे तक (काली पूजा हेतु)
  • सिंह लग्न- देर रात 01:26 से 03:41 बजे तक (साधना और सिद्धि हेतु)
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