दिव्या मिश्रा हत्याकांड पर खुलासा: गर्भपात से आई थी मानस-दिव्या के रिश्तों में खटास, इसलिए अवसाद में थी तूलिका
Divya Mishra murder case: बैंककर्मी दिव्या मिश्रा हत्याकांड पर बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक दिव्या और मानस के बीच मनमुटाव की वजह गर्भपात थी। अब इस मामले में कई कड़ियां जुड़ रही हैं।
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पहले प्यार फिर शादी। हुसड़िया निवासी बैंक अफसर मानस और उनकी पत्नी दिव्या की जिंदगी में सबकुछ अच्छा चल रहा था। दोनों अपने सपने पूरे करने में लगे थे। पांच साल पहले घर में किलकारी गूंजने वाली थी। दिव्या गर्भ से थीं। परिवार नए मेहमान का इंतजार कर रहा था। इसी बीच अचानक गर्भपात हो जाने से न केवल दिव्या बल्कि मानस को भी काफी ठेस लगी। दोनों गुमसुम रहने लगे और फिर धीरे-धीरे उनके रिश्ते में खटास पैदा हो गई। आपसी तनाव बढ़ने पर मानस ने बृहस्पतिवार को पत्नी के साथ बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या करने के बाद जान दे दी।
मानस के मामा गणेशगंज निवासी अवधेश शुक्ला ने बताया कि गर्भपात होने से पति-पत्नी दुखी थे। इसी बीच मानस के पिता आरके बाजपेयी का वर्ष 2018 में निधन हो गया। फिर वर्ष 2022 में मां अंजू की भी बीमारी से मौत हो गई। माता-पिता की मौत का तूलिका पर गहरा असर पड़ा और वह अवसाद में चली गईं। उनका नूर मंजिल में इलाज चल रहा था। मानस के पिता पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत थे। मामा ने बताया कि मानस मानसिक रोगी नहीं था। उसने पढ़ाई में टॉप किया था। वर्ष 2015 में उसे नौकरी मिल गई थी। पहली पोस्टिंग वाराणसी में हुई थी।
कई बार कराया था समझौता
अवधेश शुक्ला ने बताया कि मानस और दिव्या में कई बार विवाद हुआ था। मामला बढ़ने पर मानस उन्हें बुलाता था। उन्होंने कई बार दोनों में सुलह समझौता कराया। इस बीच दोनों में अहम का टकराव होने लगा। दोनों अकसर कई दिन तक बात नहीं करते थे। दिव्या भी ज्यादातर मायके में रहने लगी। दिव्या के कोर्ट में वाद दाखिल कर तलाक की अर्जी देने, स्त्री धन और एक करोड़ रुपये हर्जाना मांगने के बाद से दोनों में बातचीत बंद हो गई। 19 अगस्त को अवधेश ने मानस से फोन पर बात की थी। तब वह बिल्कुल सामान्य था। बातचीत में कहीं नहीं लगा कि वह परेशान है और ऐसी किसी घटना को अंजाम दे सकता है।
ये हुआ था पूरा घटनाक्रम
गोमतीनगर इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑडिट विभाग में कार्यरत मानस बाजपेयी ने आईसीआईसीआई बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर पत्नी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपी हुसड़िया चौराहा स्थित घर पहुंचा और कमरे में मौजूद बहन तूलिका की हत्या की और फिर खुद भी जान दे दी। तीनों घटनाएं 30 मिनट के भीतर हुईं।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक पति-पत्नी में विवाद चल रहा था। मानस ने अचानक ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका पता लगाया जा रहा है। परिजनों से पूछताछ की गई है। हुसड़िया चौराहा निवासी मानस ने दिव्या से वर्ष 2017 में प्रेम विवाह किया था। शुरू में दोनों हुसड़िया स्थित आवास में साथ रहते थे। मानस के माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। छोटी बहन तूलिका मानसिक रूप से कमजोर थीं। उनका इलाज चल रहा था। मानस ही उनकी देखरेख करता था।
डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि मानस दोपहर को मिठाई वाला चौराहा के पास स्थित आईसीआईसीआई बैंक के बाहर ऑटो से पहुंचा। दिव्या इसी बैंक में काम करती थी। मानस ने बैंक के अंदर जाने का प्रयास किया तो गार्ड ने उसे रोक दिया। इसके बाद उसने दिव्या को फोन कर बाहर आने के लिए कहा। दिव्या बैंक के बाहर पहुंचीं, जहां दोनों में विवाद हो गया। गुस्से में मानस ने पिस्तौल के बट से उसके सिर पर वार कर दिया। इसके बाद सिर में गोली मार दी। दिव्या की हत्या के बाद मानस ई रिक्शा से सीधे घर पहुंचा और कमरा भीतर से बंद कर लिया। फिर तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली।