10 के स्टांप पेपर पर तलाक का फैसला 9 अक्टूबर को
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भारतीय किसान यूनियन ने शुक्रवार को दस रुपये के स्टांप पेपर पर पति-पत्नी के तलाक कराने की कार्यवाही रुकवा दी।
इटौंजा थाने में पंचायत लगाकर महिला और उसके पति के परिवारवालों की सहमति से तलाक दिलाने की कोशिश की जा रही थी। युवती के ससुराल वाले दहेज का सामान भी लौटाने के लिए लाए थे।
हालांकि यूनियन पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई को अवैध बताते हुए नौ अक्टूबर को पंचायत कर अंतिम निर्णय लेने की बात कही है।
राजधानी के ग्रामीण इलाकों में पुलिस की मौजूदगी में पति-पत्नी और उनके परिवारवालों की पंचायत आयोजित कर सादे पेपर या दस रुपये के स्टांप पेपर पर तलाक कराया जाता रहा है।
शुक्रवार को इटौंजा थाना क्षेत्र के गांव बगहा निवासी किसान लल्लन रावत की पुत्री पूनम का पति राकेश से तलाक होना था। पूनम, मां गुड़िया व अन्य परिवारवालों के साथ वहीं, सीतापुर के सिधौली के गांव अलादादपुर निवासी राकेश अपने रिश्तेदारों के साथ पहुंचा।
दोनों की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। पूनम का कहना है कि ससुरालवाले दहेज के लिए प्रताड़ित कर रहे हैं। राकेश दहेज का सामान भी एक टैम्पो में लादकर लाया था। तलाक के बाद यह सामान पूनम को वापस देना था।
इस बीच, जानकारी पाकर भाकियू टिकैत गुट की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष बबली गौतम व ब्लॉक अध्यक्ष सुनील मिश्र थाने पहुंच गए और पंचायत को गलत बताते हुए तलाक को रुकवा दिया।
पूनम ने भी विरोध करते हुए पंचायत का फैसला मानने से इन्कार कर दिया। इस पर घंटों हंगामे की स्थिति रही। बाद में राकेश सामान वापस लेकर लौट गया।
भाकियू ने नौ अक्टूबर को इटौंजा थाने में फिर से दोनों पक्ष के लोगों को चर्चा के लिए बुलाया है।
ब्लॉक अध्यक्ष सुनील मिश्र ने बताया कि थाने में पंचायत आयोजित कर सादे कागज या दस रुपये के स्टांप पर पति-पत्नी के बीच अलगाव की परंपरा का विरोध किया जाएगा। उधर, एसओ इटौंजा विनोद कुमार यादव ने मामला संज्ञान में न होने की बात कही है।