10 या इससे ज्यादा कोरोना केस वाले जिलों में सख्ती से लागू रहेगा लॉकडाउन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 या उससे अधिक कोरोना पॉजिटिव केस वाले जिलों में लॉकडाउन पूरी तरह जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के नियमों तथा सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन आवश्यक है।
उन्होंने निर्देश दिए कि कोटा, राजस्थान से प्रदेश लौटे सभी बच्चों को होम क्वारंटीन में रखा जाए। बच्चों द्वारा आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने के बाद ही उन्हें घर भेजा जाए। यह ध्यान रखा जाए कि किसी भी दशा में सुरक्षा चक्र न टूटने पाए। इसके लिए पूरी सतर्कता बरतनी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री सोमवार को अपने आवास पर उच्चस्तरीय बैठक में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोगों को ट्रैक करते हुए उनकी टेस्टिंग की जाए। कोरोना संदिग्ध लोगों की अनिवार्य रूप से जांच कराई जाए। पूल टेस्टिंग को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि चिकित्सा कर्मियों को कोविड नियंत्रण प्रशिक्षण एवं अस्पतालों में संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय करते हुए इमरजेंसी सेवाओं का संचालन शुरू किया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कोविड-19 के सैंपल की टेस्टिंग सुविधा नहीं है, वहां टेस्टिंग लैब बनाई जाए। जिन मंडल मुख्यालयों पर राजकीय मेडिकल कॉलेज नहीं है, उनके जिला चिकित्सालय में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से आम जनता को भी उपचार की प्राथमिक विधि की ट्रेनिंग देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।
पुलिस व मेडिकल टीम को हर हाल में संक्रमण से बचाएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पुलिस बल तथा पूरी मेडिकल टीम को हर हाल में संक्रमण से सुरक्षित रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पुलिस कर्मी सुरक्षा उपकरण लगाकर ही ड्यूटी पर ही जाएं। मास्क, दस्ताने तथा शील्ड का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें। कोविड-19 के रोगियों के उपचार में लगे डॉक्टरों तथा अन्य चिकित्सा कर्मियों को संक्रमण से बचाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।
डोर स्टेप डिलीवरी करने वालों की जांच कराएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर स्टेप डिलीवरी में लगे लोगों की भी जांच की जाए। सुनिश्चित किया जाए कि ये लोग मास्क लगाकर सामग्री की आपूर्ति करें। बाहर से आने वालों को हर हाल में क्वारंटीन किया जाए।
श्रमिकों को रोजगार के लिए पेश करें कार्ययोजना
मुख्यमंत्री ने कहा, दूसरे राज्यों से प्रदेश वापस पहुंचे श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक करके कार्ययोजना तत्काल प्रस्तुत की जाए। यह समिति राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा मनरेगा योजना के माध्यम से रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श करे।
नोडल अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ उद्योगों को संचालित किए जाने की सशर्त अनुमति दी गई है। यह सुनिश्चित किया जाए कि इनमें अव्यवस्था पैदा न होने पाए। सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पालन हर हाल में कराया जाए। कार्ययोजना बनाकर एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू कराया जाए।
उन्होंने प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को निर्देशित किया कि बुंदेलखंड क्षेत्र में पेयजल की समस्या न हो। सभी नोडल अधिकारी फोन पर उपलब्ध रहकर लोगों की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान कराएं।