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कारोना के मरीजों की भर्ती में लापरवाह 13 अस्पतालों को नोटिस, दो कोविड श्रेणी से बाहर
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लखनऊ। बेड खाली होने के बावजूद मरीज भर्ती करने में लापरवाही, डीएसओ पोर्टल पर समय से उपलब्ध बेड का ब्यौरा न अपलोड करने व बेड के मुकाबले कम मरीजों की भर्ती के मामले में 13 निजी कोविड अस्पतालों को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश जिला प्रभारी ने दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों में लखनऊ हॉस्पिटल, राजधानी हॉस्पिटल, जीसीआरजी और संजीवनी हॉस्पिटल, सहारा व प्रसाद सहित दूसरे प्रमुख अस्पतालों के नाम जांच में सामने आए हैं। उधर, अब तक ऑनलाइन पोर्टल पर बेड की जानकारी देने के लिए अभी तक लॉगइन न करने पर रेवंता व पूजा हॉस्पिटल को कोविड श्रेणी से बाहर करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेटों से कहा गया है कि बेड उपलब्ध होने पर भी मरीज न भर्ती करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई करें।
इसलिए मिलेगा नोटिस
ब्यौरा दे रहे, मरीज नहीं भर्ती कर रहे
प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब को स्मार्ट सिटी सभागार में सोमवार को समीक्षा के दौरान पता चला कि राजधानी व संजीवनी हॉस्पिटल पोर्टल पर ब्यौरा तो अपडेट कर रहे हैं, लेकिन बेड खाली होने के बाद भी मरीजों को जल्द भर्ती नहीं करते।
शून्य मिला पोर्टल पर ब्यौरा
जीसीआरजी अस्पताल में उपलब्ध व खाली बेड का ब्योरा पोर्टल पर शून्य मिला। इसकी जांच में हॉस्पिटल ने बताया कि ऑक्सीजन पाइप लाइन की मरम्मत न होने के कारण भर्ती नहीं की जा रही। दो दिन बाद बेड की स्थिति दर्ज कराते हुए भर्ती शुरू की जाएगी।
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ब्यौरा अपडेट, बेड खाली
लखनऊ हॉस्पिटल का ब्योरा भी पोर्टल पर अपडेट था, लेकिन यहां सभी बेड खाली मिले। इन पर मरीजों को भर्ती नहीं की जा रही थी।
बेड के मुकाबले मरीज कम
श्री साई हॉस्पिटल, राधा कृष्णन सरकार मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, उर्मिला हॉस्पिटल, एसएचएम हॉस्पिटल, विनायक हॉस्पिटल, कामाख्या हॉस्पिटल, शिवा हॉस्पिटल, अवतार हॉस्पिटल, शताब्दी सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में खाली बेडों के मुकाबले बहुत कम भर्ती मिली।
अब तक लॉगइन ही नहीं किया
डीएसओ पोर्टल की समीक्षा में पता चला कि रेवंता और पूजा हॉस्पिटल ने अभी तक पोर्टल पर लॉगइन नहीं किया है। इस पर प्रभारी अधिकारी ने जिला प्रशासन से दोनों अस्पतालों को कोविड उपचार को श्रेणी से बाहर करने को कहा। साथ ही कहा कि कोविड मरीजों के इलाज की सभी सुविधाओं से लैस व इलाज के लिए प्रतिबद्ध अस्पतालों को ही कोविड अस्पताल के रूप में अधिकृत किया जाए। अनावश्यक अस्पतालों को सूची से बाहर किया जाए।
चेतावनी बाद भी लापरवाही
बैठक में पता चला कि सहारा और प्रसाद हॉस्पिटल चेतावनी के बाद भी समय से पोर्टल पर बेडों की स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। सहारा ने आखिरी बार चार मई तो प्रसाद ने छह मई को विवरण दर्ज कराया गया था। प्रभारी अधिकारी ने दोनों अस्पतालों को स्पष्टीकरण जारी करने और अनुपालन न करने पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
लापरवाह सभी अस्पतालों की मांगी सूची
प्रभारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि जो अस्पताल बेड खाली होने के बाद भी मरीजों की भर्ती नहीं कर रहे, सेक्टर मजिस्ट्रेट उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने पोर्टल पर अभी तक लॉगइन न करने वाले, बेड खाली होने पर भी मरीजों की भर्ती न करने वाले और समय से ब्यौरा न देने वाले अस्पतालों की सूची भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि इनकी जिम्मेदारी तय की जा सके।
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इसलिए मिलेगा नोटिस
ब्यौरा दे रहे, मरीज नहीं भर्ती कर रहे
प्रभारी अधिकारी डॉ. रोशन जैकब को स्मार्ट सिटी सभागार में सोमवार को समीक्षा के दौरान पता चला कि राजधानी व संजीवनी हॉस्पिटल पोर्टल पर ब्यौरा तो अपडेट कर रहे हैं, लेकिन बेड खाली होने के बाद भी मरीजों को जल्द भर्ती नहीं करते।
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शून्य मिला पोर्टल पर ब्यौरा
जीसीआरजी अस्पताल में उपलब्ध व खाली बेड का ब्योरा पोर्टल पर शून्य मिला। इसकी जांच में हॉस्पिटल ने बताया कि ऑक्सीजन पाइप लाइन की मरम्मत न होने के कारण भर्ती नहीं की जा रही। दो दिन बाद बेड की स्थिति दर्ज कराते हुए भर्ती शुरू की जाएगी।
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ब्यौरा अपडेट, बेड खाली
लखनऊ हॉस्पिटल का ब्योरा भी पोर्टल पर अपडेट था, लेकिन यहां सभी बेड खाली मिले। इन पर मरीजों को भर्ती नहीं की जा रही थी।
बेड के मुकाबले मरीज कम
श्री साई हॉस्पिटल, राधा कृष्णन सरकार मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल, उर्मिला हॉस्पिटल, एसएचएम हॉस्पिटल, विनायक हॉस्पिटल, कामाख्या हॉस्पिटल, शिवा हॉस्पिटल, अवतार हॉस्पिटल, शताब्दी सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में खाली बेडों के मुकाबले बहुत कम भर्ती मिली।
अब तक लॉगइन ही नहीं किया
डीएसओ पोर्टल की समीक्षा में पता चला कि रेवंता और पूजा हॉस्पिटल ने अभी तक पोर्टल पर लॉगइन नहीं किया है। इस पर प्रभारी अधिकारी ने जिला प्रशासन से दोनों अस्पतालों को कोविड उपचार को श्रेणी से बाहर करने को कहा। साथ ही कहा कि कोविड मरीजों के इलाज की सभी सुविधाओं से लैस व इलाज के लिए प्रतिबद्ध अस्पतालों को ही कोविड अस्पताल के रूप में अधिकृत किया जाए। अनावश्यक अस्पतालों को सूची से बाहर किया जाए।
चेतावनी बाद भी लापरवाही
बैठक में पता चला कि सहारा और प्रसाद हॉस्पिटल चेतावनी के बाद भी समय से पोर्टल पर बेडों की स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। सहारा ने आखिरी बार चार मई तो प्रसाद ने छह मई को विवरण दर्ज कराया गया था। प्रभारी अधिकारी ने दोनों अस्पतालों को स्पष्टीकरण जारी करने और अनुपालन न करने पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
लापरवाह सभी अस्पतालों की मांगी सूची
प्रभारी अधिकारी ने निर्देश दिए कि जो अस्पताल बेड खाली होने के बाद भी मरीजों की भर्ती नहीं कर रहे, सेक्टर मजिस्ट्रेट उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने पोर्टल पर अभी तक लॉगइन न करने वाले, बेड खाली होने पर भी मरीजों की भर्ती न करने वाले और समय से ब्यौरा न देने वाले अस्पतालों की सूची भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, ताकि इनकी जिम्मेदारी तय की जा सके।