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Lucknow News: ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की दूरी बन रही बाधा, महिलाओं, दिव्यांगों को खासी परेशानी
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प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र।
लखनऊ। ड्राइविंग लाइसेंस के लिए काकोरी के उदितखेड़ा में प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) बनाया गया है। यह केंद्र ट्रांसपोर्टनगर व देवा रोड एआरटीओ से काफी दूर स्थित है। इस दूरी के कारण महिलाओं व दिव्यांग आवेदकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस समस्या के चलते प्रतिदिन बनने वाले डीएल की संख्या घटती जा रही है। दूरी के अतिरिक्त आवेदकों को सुरक्षा का भी संकट महसूस होता है। 22 सितंबर को इंदिरानगर की खुशबू टेस्ट देने एडीटीसी पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने के बाद उन्हें 20 किलोमीटर दूर आरटीओ कार्यालय जाकर बायोमीट्रिक कराना पड़ा। इसके बाद 18 किलोमीटर दूर एडीटीसी पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाना पड़ा। एक अभिभावक सुरेश थापा ने कहा कि मुख्य शहर से दूर होने पर गाड़ी खराब होने या सुरक्षा संकट में मदद मिलना मुश्किल है।
आवेदक राम कुमार यादव ने कहा कि एडीटीसी को प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियम के अनुसार दो बार फेल होने वाले आवेदकों को ही यहां प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। आवेदकों ने ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ से एडीटीसी जाने में मुश्किलें बताईं। 14 से 21 सितंबर तक एडीटीसी में कुल 137 पंजीकरण हुए। इसी अवधि में केवल 34 आवेदक ही पास हो सके। इनमें दो व चार पहिया वाहन चलाने वाले आवेदक शामिल थे।
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इस समस्या के चलते प्रतिदिन बनने वाले डीएल की संख्या घटती जा रही है। दूरी के अतिरिक्त आवेदकों को सुरक्षा का भी संकट महसूस होता है। 22 सितंबर को इंदिरानगर की खुशबू टेस्ट देने एडीटीसी पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि फॉर्म भरने के बाद उन्हें 20 किलोमीटर दूर आरटीओ कार्यालय जाकर बायोमीट्रिक कराना पड़ा। इसके बाद 18 किलोमीटर दूर एडीटीसी पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए जाना पड़ा। एक अभिभावक सुरेश थापा ने कहा कि मुख्य शहर से दूर होने पर गाड़ी खराब होने या सुरक्षा संकट में मदद मिलना मुश्किल है।
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आवेदक राम कुमार यादव ने कहा कि एडीटीसी को प्रशिक्षण के लिए बनाया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि नियम के अनुसार दो बार फेल होने वाले आवेदकों को ही यहां प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए। आवेदकों ने ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ से एडीटीसी जाने में मुश्किलें बताईं। 14 से 21 सितंबर तक एडीटीसी में कुल 137 पंजीकरण हुए। इसी अवधि में केवल 34 आवेदक ही पास हो सके। इनमें दो व चार पहिया वाहन चलाने वाले आवेदक शामिल थे।

प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र।
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