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Lucknow News: 33 वार्डों की सफाई में छह माह से विवाद का रोड़ा
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लखनऊ। नगर निगम के 110 वार्डों में से 77 में तो नई कंपनी ''''लखनऊ स्वच्छता अभियान'''' छह महीने से काम कर रही है, मगर बचे 33 वार्डों का काम अभी भी विवादों में फंसा है। यहां पर लाॅयंस सिक्योरिटी को काम तो दे दिया गया, लेकिन उस पर कई गंभीर आरोप लगने के कारण टेंडर पास होने के बाद भी मामला शासन में जाकर अटक गया है। ऐसे में 33 वार्डों में सफाई का काम पटरी पर नहीं आ पा रहा है।
महापौर सुषमा खर्कवाल सभी 110 वार्डों में सफाई का काम एक ही कंपनी को दिए जाने के पक्ष में नहीं हैं। इसके पीछे उनका तर्क है कि इससे मनमानी होती है। यही नहीं कंपनी के काम छोड़ देने पर दूसरा विकल्प नहीं होता है। इसी वजह से हैदराबाद की कंपनी को 77 वार्डों का ही काम दिया गया। बचे 33 वार्डों के लिए दूसरी कंपनी के चयन के लिए पिछले छह माह से कई बार टेंडर निकाले गए। इसमें स्थानीय कंपनियां शर्तों को पूरा नहीं कर पाईं। इसके बाद दो कंपनियों ने अन्य कंपनियों से गठजोड़ किया और संयुक्त रूप से टेंडर डाला।
लाॅयंस सिक्योरिटी एजेंसी ने शर्तें तो पूरी कर लीं, मगर उस पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाए जाने का आरोप लगा। यह कंपनी पहले भी काम कर चुकी है। यहां भी काम में गड़बड़ियां मिली थीं। हालांकि जांच के बाद उसे पात्र माना गया। मामला न्यायालय से शासन तक पहुंचा।
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ऐसे में कंपनी को काम देने से पहले नगर निगम ने शासन से अनुमति मांगी है। एक महीने से अधिक का समय बीत गया लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई है। सूत्रोंं ने बताया कि लाॅयंस पर गंभीर आरोप होने के चलते शासन पूरी जांच पड़ताल के बाद ही आदेश जारी करेगा। जब तक शासन आदेश नहीं देगा, नगर निगम उससे काम नहीं करा पाएगा।
बहरहाल कुछ कार्यदायी संस्थाएं इन वार्डों में सफाई का काम कर रही हैं। ये संस्थाएं पहले से काम कर रही हैं। लेकिन नई कंपनी आने की चर्चाओं के बीच अच्छे ढंग से काम नहीं कर रही हैं।
लॉयंस पर यहां भी उठ चुके हैं सवाल
जानकीपुरम तृतीय वार्ड में 10 सितंबर को निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था खराब पाई गई थी। इसको लेकर यहां पर काम करने वाली कार्यदायी संस्था लाॅयंस सिक्योरिटी पर कार्रवाई की गई। यहां पर तैनात 111 कर्मचारियों में से 22 गायब मिले, इनका वेतन काटने का आदेश दिया गया था।
- फैजुल्लागंज द्वितीय और चतुर्थ वार्ड में अगस्त 2023 में सफाई कर्मचारियों की तैनाती में गोलमाल पकड़ा गया था। इसको लेकर लाॅयंस सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना भी लगा था। पूरे कर्मचारी नहीं लगाने की वजह से सफाई व्यवस्था बदहाल मिली थी।
शासन की हरी झंडी के बाद ही फर्म को काम दिया जाएगा
33 वार्डों में काम शुरू कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से आदेश जारी होने के बाद ठेकेदार फर्म को काम करने का आदेश जारी किया जाएगा। जब तक आदेश नहीं आएगा, जो कार्यदायी संस्थाएं पहले से काम कर रही हैं, वे करती रहेंगी। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम
महापौर सुषमा खर्कवाल सभी 110 वार्डों में सफाई का काम एक ही कंपनी को दिए जाने के पक्ष में नहीं हैं। इसके पीछे उनका तर्क है कि इससे मनमानी होती है। यही नहीं कंपनी के काम छोड़ देने पर दूसरा विकल्प नहीं होता है। इसी वजह से हैदराबाद की कंपनी को 77 वार्डों का ही काम दिया गया। बचे 33 वार्डों के लिए दूसरी कंपनी के चयन के लिए पिछले छह माह से कई बार टेंडर निकाले गए। इसमें स्थानीय कंपनियां शर्तों को पूरा नहीं कर पाईं। इसके बाद दो कंपनियों ने अन्य कंपनियों से गठजोड़ किया और संयुक्त रूप से टेंडर डाला।
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लाॅयंस सिक्योरिटी एजेंसी ने शर्तें तो पूरी कर लीं, मगर उस पर फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाए जाने का आरोप लगा। यह कंपनी पहले भी काम कर चुकी है। यहां भी काम में गड़बड़ियां मिली थीं। हालांकि जांच के बाद उसे पात्र माना गया। मामला न्यायालय से शासन तक पहुंचा।
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ऐसे में कंपनी को काम देने से पहले नगर निगम ने शासन से अनुमति मांगी है। एक महीने से अधिक का समय बीत गया लेकिन अनुमति नहीं मिल पाई है। सूत्रोंं ने बताया कि लाॅयंस पर गंभीर आरोप होने के चलते शासन पूरी जांच पड़ताल के बाद ही आदेश जारी करेगा। जब तक शासन आदेश नहीं देगा, नगर निगम उससे काम नहीं करा पाएगा।
बहरहाल कुछ कार्यदायी संस्थाएं इन वार्डों में सफाई का काम कर रही हैं। ये संस्थाएं पहले से काम कर रही हैं। लेकिन नई कंपनी आने की चर्चाओं के बीच अच्छे ढंग से काम नहीं कर रही हैं।
लॉयंस पर यहां भी उठ चुके हैं सवाल
जानकीपुरम तृतीय वार्ड में 10 सितंबर को निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था खराब पाई गई थी। इसको लेकर यहां पर काम करने वाली कार्यदायी संस्था लाॅयंस सिक्योरिटी पर कार्रवाई की गई। यहां पर तैनात 111 कर्मचारियों में से 22 गायब मिले, इनका वेतन काटने का आदेश दिया गया था।
- फैजुल्लागंज द्वितीय और चतुर्थ वार्ड में अगस्त 2023 में सफाई कर्मचारियों की तैनाती में गोलमाल पकड़ा गया था। इसको लेकर लाॅयंस सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना भी लगा था। पूरे कर्मचारी नहीं लगाने की वजह से सफाई व्यवस्था बदहाल मिली थी।
शासन की हरी झंडी के बाद ही फर्म को काम दिया जाएगा
33 वार्डों में काम शुरू कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से आदेश जारी होने के बाद ठेकेदार फर्म को काम करने का आदेश जारी किया जाएगा। जब तक आदेश नहीं आएगा, जो कार्यदायी संस्थाएं पहले से काम कर रही हैं, वे करती रहेंगी। ऐसे में सफाई व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी।
संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम