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सरकारी अस्पताल के डायरेक्टर और डॉक्टर मरीज को लेकर भिड़े, मचा हंगामा

Sat, 08 Sep 2018 12:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 08 Sep 2018 12:59 PM IST
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dispute between director and doctor in balrampur hospital
डेमो

बलरामपुर अस्पताल में मरीज को ऑपरेशन के बाद सीएमएस वार्ड में भर्ती किए जाने को लेकर निदेशक और डॉक्टर के बीच शुक्रवार को भिड़ंत हो गई। आरोप है कि निदेशक ने डॉक्टर से अभद्रता की।

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नौबत हाथापाई तक आ गई, इससे पूरे वार्ड में हंगामा मच गया। हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों ने मामला शांत करवाया। मामले की जानकारी स्वास्थ्य महानिदेशालय तक पहुंच गई। आजमगढ़ निवासी उमाकांत शर्मा (38) को कई सालों से स्पाइन की दिक्कत थी।
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न्यूरो स्पेशलिस्ट डॉ. रघुवीर ने 30 अगस्त को ऑपरेशन किया और मरीज को सीएमएस वार्ड में शिफ्ट करा दिया। शुक्रवार सुबह निदेशक डॉ. राजीव लोचन डॉक्टरों के साथ राउंड ले रहे थे। न्यू बिल्डिंग में बने सीएमएस वार्ड में भर्ती मरीज को उन्होंने वहां से हटाने के लिए कहा।
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आनन-फानन में मरीज को वहां से हटाकर जनरल वार्ड में शिफ्ट करा दिया। इसकी जानकारी ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को मिली तो वे मौके पर पहुंचे। दोनों के बीच कहासुनी के बाद तीखी झड़प होने लगी। न्यूरो विशेषज्ञ डॉक्टर ने निदेशक पर हाथ उठाने व धक्कामुक्की करने का आरोप लगाया है। 

सबने दिए अपने-अपने तर्क

dispute between director and doctor in balrampur hospital
सबके अपने-अपने तर्क

हाथ उठाने की कोशिश तक की
मैंने सीएमएस की अनुमति लेने के बाद मरीज को शिफ्ट कराया था। सुबह राउंड के दौरान निदेशक ने आकर अभद्रता की और हाथ उठाने की कोशिश की। मौजूद लोगों ने हाथ पकड़ लिया, वरना उन्होंने मार ही दिया होता।  - डॉ. रघुवीर, न्यूरो स्पेशलिस्ट, बलरामपुर अस्पताल

वे ही झगड़ा करने पर उतारू हो गए  
दो दिन पहले बेड की कमी के चलते सीएमएस वार्ड में सर्जरी व आर्थोपेडिक के मरीजों को रखने की निर्देश दिया गया था। मना करने के बाद भी न्यूरो मरीज को यहां शिफ्ट किया गया, जबकि वहां बेड खाली था। सीएमएस से ऐसी किसी अनुमति लिए जाने की बात से इन्कार किया है। हाथापाई, धक्का-मुक्की की बात गलत है, उल्टा डॉ. रघुवीर ही झगड़ा करने पर उतारू हो गए थे।  - डॉ. राजीव लोचन, निदेशक, बलरामपुर अस्पताल

विवाद की जानकारी नहीं
मरीज उमाकांत को अनुमति बाद ही सीएमएस वार्ड में रखा गया था। कहा कि विवाद के बारे में कुछ जानकारी नहीं है।  - डॉ. ऋषि सक्सेना, सीएमएस बलरामपुर अस्पताल

 

मामले की कराएंगै जांच

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doctor - फोटो : amar ujala
अस्पताल में निदेशक-डॉक्टर के बीच हाथापाई होने का मामला बेहद संगीन है। कहा मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी मिला तो उस पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी ताकि अस्पताल की छवि न धूमिल हो। - स्वास्थ्य महानिदेशक, पद्यमाकर सिंह

बड़ा सवाल : मरीज बेचारे का क्या दोष?
मरीज उमाकांत को स्पाइन प्रॉब्लम थी। उसे हिलना मना था। ऐसे में यदि डॉक्टर ने जिद में आकर उसे सीएमएस वार्ड में रखवा दिया था तो निदेशक ने मरीज को वार्ड से बाहर करवाने में इतनी हड़बड़ी क्यों दिखाई। झगड़ा डॉक्टर और निदेशक का पर आफत तो मरीज पर आई। उसे हुई शारीरिक-मानसिक परेशानी का दोषी कौन है?
 
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