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Lucknow News: बर्खास्त सिपाही, मुखबिर व हिस्ट्रीशीटर को तलाशती रही पुलिस, तीनों ने किया सरेंडर
Sat, 23 Dec 2023 01:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 23 Dec 2023 01:43 AM IST
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लखनऊ। बिजनौर के कपड़ा व्यापारी को आजमगढ़ से अगवा कर लखनऊ लाकर बंधक बनाने, लूटने व फिरौती मांगने के मामले में फरार चल रहे बर्खास्त सिपाही सहित तीन आरोपियों ने शुक्रवार को गुपचुप ढंग से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। तीनों की सरगर्मी से तलाश कर रही पुलिस अब उन्हें पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की बात कह रही है।
हसनगंज इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट जारी था। पुलिस ने 20 दिसंबर को तीनों के घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें तीनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं मगर सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बीच शुक्रवार को तीनों आरोपियों ने पुलिस से बचते हुए गुपचुप ढंग से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार का कहना है कि आगे की पूछताछ और घटना में प्रयोग की गई बोलेरो की बरामदगी के लिए तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
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यह है पूरा मामला
बिजनौर के कपड़ा व्यापारी इश्तियाक को 29 नवंबर को आजमगढ़ में बस अड्डे से बोलेरो सवार लोगों ने अगवा कर लिया था। फिर इश्तियाक को लखनऊ लाकर नकदी व कपड़े लूटने के साथ ही हसनगंज के निरालानगर स्थित चरन गेस्ट हाउस में बंधक बना लिया था। उनके परिजनों को फोन कर फिरौती भी मांगी थी। बाद में आरोपियों के बीच विवाद होने से मामला पुलिस तक पहुंच गया। खुलासा हुआ कि अपहरण व लूट की घटना में हसनगंज थाने के दरोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कांस्टेबल युसुफ हुसैन, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, हिस्ट्रीशीटर दिनेश, नसीम और मुखबिर शेखर शामिल था। अफसरों को जानकारी होने के बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर ने हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने दारोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कांस्टेबल युसुफ हुसैन और आरोपी नाजिम खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश फरार चल रहे थे।
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हसनगंज इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने बताया कि बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानतीय वारंट जारी था। पुलिस ने 20 दिसंबर को तीनों के घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा किया था। पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें तीनों आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं मगर सफलता नहीं मिल पा रही थी। इस बीच शुक्रवार को तीनों आरोपियों ने पुलिस से बचते हुए गुपचुप ढंग से कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार का कहना है कि आगे की पूछताछ और घटना में प्रयोग की गई बोलेरो की बरामदगी के लिए तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया जाएगा।
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यह है पूरा मामला
बिजनौर के कपड़ा व्यापारी इश्तियाक को 29 नवंबर को आजमगढ़ में बस अड्डे से बोलेरो सवार लोगों ने अगवा कर लिया था। फिर इश्तियाक को लखनऊ लाकर नकदी व कपड़े लूटने के साथ ही हसनगंज के निरालानगर स्थित चरन गेस्ट हाउस में बंधक बना लिया था। उनके परिजनों को फोन कर फिरौती भी मांगी थी। बाद में आरोपियों के बीच विवाद होने से मामला पुलिस तक पहुंच गया। खुलासा हुआ कि अपहरण व लूट की घटना में हसनगंज थाने के दरोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कांस्टेबल युसुफ हुसैन, बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, हिस्ट्रीशीटर दिनेश, नसीम और मुखबिर शेखर शामिल था। अफसरों को जानकारी होने के बाद तत्कालीन इंस्पेक्टर ने हसनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने दारोगा अनुराग द्विवेदी, हेड कांस्टेबल युसुफ हुसैन और आरोपी नाजिम खान को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बर्खास्त सिपाही धीरेंद्र यादव, मुखबिर शेखर उर्फ चुन्नू और हिस्ट्रीशीटर दिनेश फरार चल रहे थे।