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एसजीपीजीआई में टेलीमेडिसिन की गुणवत्ता पर होगा मंथन
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एसजीपीजीआई में टेलीमेडिसिन की गुणवत्ता पर होगा मंथन। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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एसजीपीजीआई में शुक्रवार से टेलीमेडिसिन पर मंथन होगा। इसमें देश-विदेश के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। विभिन्न देश में अपनाई जा रही नई तकनीक के फायदे-नुकसान और बरती जाने वाली सावधानियों पर चर्चा होगी।
एसजीपीजीआई में शुक्रवार को शुरू होने वाली कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने कहा कि संस्थान ने टेली आईसीयू की मदद से करीब 18 माह में 50 हजार मरीजों को उपचार मुहैया कराया है।
कॉन्फ्रेंस आयोजक डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का विषय टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ है। 2001 में संस्थान में टेलीमेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया की स्थापना की गई।
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इसके 21 वर्ष पूरे होने पर आज से 14 नवंबर तक स्कूल ऑफ टेलीमेडिसिन एवं बायोमेडिकल इनफॉर्मेटिक्स द्वारा यह कॉन्फ्रेंस हो रही है।
डॉ. पीके प्रधान ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में टेलीमेडिसिन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में करीब 100 विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 900 लोग वर्चुअल जुड़ेंगे।
इस दौरान 15 अंतरराष्ट्रीय आमंत्रित व्याख्यान एवं 10 संगोष्ठियां होंगी। बताया कि 13 नवंबर को शाम चार से पांच बजे तक होने वाले कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक मौजूद रहेंगे।
इसी तरह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के कार्यकारी निदेशक डॉ. अरविंद राजवंशी मुख्य वक्ता होंगे। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।
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एसजीपीजीआई में शुक्रवार को शुरू होने वाली कॉन्फ्रेंस के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने कहा कि संस्थान ने टेली आईसीयू की मदद से करीब 18 माह में 50 हजार मरीजों को उपचार मुहैया कराया है।
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कॉन्फ्रेंस आयोजक डॉ. एसके मिश्रा ने बताया कि कॉन्फ्रेंस का विषय टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ है। 2001 में संस्थान में टेलीमेडिसिन सोसाइटी ऑफ इंडिया की स्थापना की गई।
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इसके 21 वर्ष पूरे होने पर आज से 14 नवंबर तक स्कूल ऑफ टेलीमेडिसिन एवं बायोमेडिकल इनफॉर्मेटिक्स द्वारा यह कॉन्फ्रेंस हो रही है।
डॉ. पीके प्रधान ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में टेलीमेडिसिन का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कॉन्फ्रेंस में करीब 100 विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा 900 लोग वर्चुअल जुड़ेंगे।
इस दौरान 15 अंतरराष्ट्रीय आमंत्रित व्याख्यान एवं 10 संगोष्ठियां होंगी। बताया कि 13 नवंबर को शाम चार से पांच बजे तक होने वाले कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक मौजूद रहेंगे।
इसी तरह अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के कार्यकारी निदेशक डॉ. अरविंद राजवंशी मुख्य वक्ता होंगे। कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे।