{"_id":"695ad27c6f55dae31d0b7f10","slug":"discussion-again-today-on-the-situation-of-amausi-sarojininagar-industrial-areas-lucknow-news-c-13-knp1002-1545252-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: अमौसी, सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति पर आज फिर मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: अमौसी, सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों की स्थिति पर आज फिर मंथन
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र में गंदगी।
लखनऊ। अमौसी और सरोजनीनगर औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी के मुद्दे पर संबंधित विभागों के बीच सोमवार को फिर बैठक होगी। आईआईटी मुंबई की रिपोर्ट और पिछली दर्जनों बैठकों के बावजूद यह मुद्दा हल नहीं हो सका है। शुक्रवार को हुई उद्योग बंधु की बैठक में डीएम ने जिम्मेदार विभागों के साथ बैठक के लिए सोमवार का दिन तय किया था।
कानपुर रोड स्थित अमौसी और सरोजनीनगर शहर के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां छोटी-बड़ी सैकड़ों कंपनियां हैं, लेकिन उद्यमियों को जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। सरोजनीनगर के उद्यमी नीलमणि वार्ष्णेय, रितेश श्रीवास्तव, अशोक चावला, शैलेंद्र रघु और रजत गुलाटी ने बताया कि एनएचएआई ने जो नाला बनाया, वह औद्योगिक क्षेत्र के लेवल से ढाई फीट ऊंचा है। इससे जलभराव बना हुआ है। जल निगम सिर्फ सीवर लाइन के लिए काम कर रहा है। स्टॉर्म वाटर की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
एक साल पहले तत्कालीन डीएम सूर्यपाल गंगवार ने यूपीसीडा को विशेषज्ञ टीम से सर्वे कराने के लिए कहा, जिस पर यूपीसीडा ने आईआईटी मुंबई से आंतरिक ड्रेनेज सिस्टम के लिए सर्वे कराया। सर्वे की रिपोर्ट में नाले की ऊंचाई की पुष्टि हुई। लिहाजा करोड़ों रुपये खर्चने के बावजूद अभी भी जल निकासी का कोई मामला नहीं सुलझ सका है।
विज्ञापन
अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों का कहना है कि यूपीसीडा के नाले को एनएचएआई जोड़ने से मना कर रहा है। उधर, इस नाले में औद्योगिक क्षेत्र के आस पास के क्षेत्रों के 22 एमएलडी सीवेज मिश्रित पानी जा रहा है, जिसकी वजह से नाले उफना रहे हैं।
-- -- -- -- -
व्यवस्था खुद ही कन्फ्यूज
उद्यमियों ने बताया कि अफसर और एजेंसी खुद ही भ्रमित हैं। पहले आईआईटी मुंबई की टीम ने कहा था कि जल निकासी की व्यवस्था ही नहीं है, जबकि अब कहा जा रहा है कि आंतरिक ड्रेनेज सिस्टम को एनएचएआई के नाले में मिला दिया जाएगा। उधर, एनएचएआई कह रहा है कि हम अपने में नहीं मिलाने देंगे।
-- -
इनके बीच होगी बैठक
डीएम ने नगर निगम, एडीएम पूर्वी, सिंचाई व जल निगम के अधिशासी अभियंता, यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आदि के बीच में समन्वय बैठक होनी होनी है।
विज्ञापन
कानपुर रोड स्थित अमौसी और सरोजनीनगर शहर के दो प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं। यहां छोटी-बड़ी सैकड़ों कंपनियां हैं, लेकिन उद्यमियों को जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं की चुनौतियों से जूझना पड़ रहा है। सरोजनीनगर के उद्यमी नीलमणि वार्ष्णेय, रितेश श्रीवास्तव, अशोक चावला, शैलेंद्र रघु और रजत गुलाटी ने बताया कि एनएचएआई ने जो नाला बनाया, वह औद्योगिक क्षेत्र के लेवल से ढाई फीट ऊंचा है। इससे जलभराव बना हुआ है। जल निगम सिर्फ सीवर लाइन के लिए काम कर रहा है। स्टॉर्म वाटर की निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
एक साल पहले तत्कालीन डीएम सूर्यपाल गंगवार ने यूपीसीडा को विशेषज्ञ टीम से सर्वे कराने के लिए कहा, जिस पर यूपीसीडा ने आईआईटी मुंबई से आंतरिक ड्रेनेज सिस्टम के लिए सर्वे कराया। सर्वे की रिपोर्ट में नाले की ऊंचाई की पुष्टि हुई। लिहाजा करोड़ों रुपये खर्चने के बावजूद अभी भी जल निकासी का कोई मामला नहीं सुलझ सका है।
विज्ञापन
अमौसी इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों का कहना है कि यूपीसीडा के नाले को एनएचएआई जोड़ने से मना कर रहा है। उधर, इस नाले में औद्योगिक क्षेत्र के आस पास के क्षेत्रों के 22 एमएलडी सीवेज मिश्रित पानी जा रहा है, जिसकी वजह से नाले उफना रहे हैं।
व्यवस्था खुद ही कन्फ्यूज
उद्यमियों ने बताया कि अफसर और एजेंसी खुद ही भ्रमित हैं। पहले आईआईटी मुंबई की टीम ने कहा था कि जल निकासी की व्यवस्था ही नहीं है, जबकि अब कहा जा रहा है कि आंतरिक ड्रेनेज सिस्टम को एनएचएआई के नाले में मिला दिया जाएगा। उधर, एनएचएआई कह रहा है कि हम अपने में नहीं मिलाने देंगे।
इनके बीच होगी बैठक
डीएम ने नगर निगम, एडीएम पूर्वी, सिंचाई व जल निगम के अधिशासी अभियंता, यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक, एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर आदि के बीच में समन्वय बैठक होनी होनी है।

औद्योगिक क्षेत्र में गंदगी।